4 मई के बाद 600 निजी अस्पताल बंद कर सकते हैं उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आयुष्मान योजना के तहत लंबित भुगतान को लेकर हरियाणा के निजी अस्पतालों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), हरियाणा से जुड़े करीब 600 निजी अस्पतालों ने चेतावनी दी है कि यदि चार मई तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे पांच मई से आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार बंद कर देंगे। अस्पतालों का दावा है कि सरकार पर उनका 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है।
इस मुद्दे पर आईएमए हरियाणा की टीम ने सोमवार देर रात एक वर्चुअल आपात बैठक की, जिसमें सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फिलहाल चार मई तक आयुष्मान कार्डधारकों का उपचार जारी रखा जाएगा, लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ तो सेवाएं रोक दी जाएंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले आईएमए ने 20 अप्रैल के बाद आयुष्मान योजना के मरीजों का इलाज बंद करने की घोषणा की थी। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और आयुष्मान योजना हरियाणा के सीईओ सतबीर मान को भी स्थिति से अवगत कराया गया था। हाल ही में सीईओ का पद संभालने वाले सतबीर मान ने अस्पताल संचालकों से कुछ समय देने का आग्रह किया था और जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के बाद आईएमए ने अपनी पूर्व घोषणा को स्थगित कर दिया था।
आईएमए के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अस्पतालों को महीनों से भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक बकाया राशि हिसार जिले के करीब 70 निजी अस्पतालों की है, जिन्हें लगभग 100 करोड़ रुपये का भुगतान मिलना बाकी है। इसके अलावा गुरुग्राम, करनाल, सोनीपत, पलवल और रेवाड़ी सहित अन्य जिलों के अस्पताल भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
इस निर्णय से आयुष्मान योजना के लाभार्थियों पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि प्रदेश के सैकड़ों निजी अस्पताल इस योजना के तहत सेवाएं प्रदान करते हैं।
इस मामले में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही यह निर्णय लिया गया है। अस्पताल संचालक चार मई तक का इंतजार करेंगे, लेकिन यदि तब तक भुगतान शुरू नहीं हुआ तो पांच मई को फिर से बैठक कर आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं बंद करने का फैसला लिया जाएगा।-डॉ. अजय महाजन, चेयरमैन-आईएमए हरियाणा