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Faridabad News: बदलते मौसम में बढ़े सांस के मरीज, बीके अस्पताल में रोज 40 से अधिक पहुंच रहे

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- खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत, डॉक्टर ने बचाव की दी सलाह
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। मौसम में बढ़ी नमी और तापमान में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। खासकर अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। बीके नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में रोजाना 40 से अधिक मरीज सांस संबंधी समस्या का उपचार कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार वातावरण में नमी बढ़ने से हवा में मौजूद धूल, धुआं और अन्य एलर्जन सांस की नलियों को प्रभावित कर सकते हैं। तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव होने से अस्थमा के मरीजों में सांस फूलने और घरघराहट की समस्या भी बढ़ सकती है। जिन लोगों को पहले से सांस संबंधी बीमारी है, उन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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धूल-धुएं से बचने की सलाह

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहित अग्रवाल ने अस्थमा मरीजों को धूल, धुएं और तेज गंध से बचने की सलाह दी है। बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करने और मौसम के अनुसार शरीर को ढककर रखने को कहा गया है। इसके साथ ही मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित दवा लेते रहने की सलाह दी गई है। दवा बंद करने या अपनी मर्जी से खुराक बदलने से परेशानी बढ़ सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि सांस लेने में ज्यादा परेशानी, लगातार खांसी, सीने में जकड़न या सांस फूलने जैसी समस्या होने पर इसे सामान्य न समझें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को बदलते मौसम में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
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