फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लावारिस कुत्तों के बढ़े हमले : महिला के पैर में लगे 12 टांके, सात साल का मासूम भी जख्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
18 जुलाई को रेबीज के संदिग्ध लक्षण वाला युवक पहुंचा था बीके अस्पताल, रोजाना करीब 100 डॉग बाइट के मामले आ रहे सामने
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। शहर में लावारिस कुत्तों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को अलग-अलग क्षेत्रों में कुत्तों ने एक महिला और एक सात साल के मासूम को काटा। दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। कुत्ते के काटने से राजीव कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय महिला के पैर में गहरा घाव हो गया और चिकित्सकों को 12 टांके लगाने पड़े। वहीं, सात वर्षीय एक बच्चे को कुत्ते ने काट लिया। दोनों को बीके नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई।

राजीव कॉलोनी में रहने वाली बीना (55) शनिवार सुबह करीब 10 बजे छोटे बेटे के साथ लोन की किस्त जमा कराने जा रही थी। मुल्ला होटल के पास अचानक एक लावारिस कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। काटने से उनके पैर में गहरा घाव हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने किसी तरह कुत्ते को भगाया। सूचना मिलने पर उनका बड़ा बेटा सोनू मौके पर पहुंचा और उन्हें बीके नागरिक अस्पताल लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने घाव की सफाई कर 12 टांके लगाए और एंटी रेबीज वैक्सीन देने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी। वहीं, शनिवार को ही सात वर्षीय अहान पर भी लावारिस कुत्ते ने हमला कर उसे घायल कर दिया। परिजन उसे तुरंत बीके अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां बच्चे की मरहम पट्टी कर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया।
विज्ञापन


पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर मामले

18 जुलाई को सराय ख्वाजा निवासी साहिल को बीके नागरिक अस्पताल लाया गया था। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले कुत्ते के काटने के बाद उसने एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी। बाद में उसका व्यवहार असामान्य हो गया और वह लोगों पर झपटने व काटने की कोशिश करने लगा। इससे पहले बल्लभगढ़ में भी कुत्ते के काटने के बाद एक युवक में रेबीज जैसे लक्षण सामने आए थे। इन घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

आपको बता दें कि इन दिनों बीके नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 80 से 100 लोग डॉग बाइट के चलते एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। वहीं पिछले छह महीनों में यह आंकड़ा सात हजार को पार कर चुका है। कुत्ते काटने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ते के काटे जाने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इलाज पर ध्यान दिया जाना चाहिए। समय रहते इलाज करा लेने से ही जोखिम से बचाव संभव है।
विज्ञापन


महिला के पैर में गहरा घाव था, जिसके चलते टांके लगाने पड़े। प्राथमिक उपचार और एंटी रेबीज वैक्सीन देने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। कुत्ते के काटने पर किसी भी तरह की लापरवाही न करें। घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोकर बिना देरी अस्पताल पहुंचें और एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें