पुलिसकर्मी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया, पीड़ित ने एफडी तोड़कर रुपये ट्रांसफर किए
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर साइबर ठगों ने 5 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर लगभग 60 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पहले ट्राई कर्मचारी बनकर कॉल की और फिर मुंबई पुलिस को कॉल ट्रांसफर कर दी। फिर पुलिसकर्मी बनकर आरोपी ने बात की और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर गिरफ्तार करने की धमकी दी। इससे बुजुर्ग डर गए और आरोपियों के बताए गए बैंक खातों में अपने खाते से व एफडी तोड़कर रुपये ट्रांसफर कर दिए। साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की जांच शुरू कर दी है।
ठगी की ये वारदात सेक्टर-8 निवासी 87 वर्षीय बुजुर्ग हर्ष कुमार अरोड़ा के साथ हुई। वह सेंट्रल बैंक आफ इंडिया मुंबई में मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद फरीदाबाद में रहते हैं। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर को एक नंबर से उन्हें कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई कर्मचारी बताया और कहा कि आपके नाम पर एक अन्य सिम रजिस्टर्ड है। फिर उसने कॉल मुंबई पुलिस को ट्रांसफर कर दी। पुलिस के अलग-अलग अधिकारी बनकर कई लोगों ने बात की और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। उन्होंने बुजुर्ग को कहा कि आपको गिरफ्तार किया जाना है और सारी प्रॉपर्टी अटैच होगी। उन्होंने बैंक खाते व एफडी की पूरी डिटेल ले ली और फिर खाते में मौजूद रुपये व एफडी तोड़कर रुपये ट्रांसफर करा लिए। अलग-अलग बैंक खातों में ये रुपये ट्रांसफर कराए गए। जांच पूरी होने के बाद रुपये वापस मिलने की बात आरोपियों ने बुजुर्ग को कही। इस दौरान बुजुर्ग को किसी से बात नहीं करने दी गई।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम बल्लभगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल व मोबाइल नंबरों के आधार पर टीम जांच कर रही है।