फैमिली आईडी की गड़बड़ी ने भी किया लाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार को आयोजित समाधान शिविर में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय संबंधी त्रुटियों को ठीक कराने और परिवार में नए सदस्य जोड़ने की शिकायतें प्रमुखता से पहुंचीं। इसके अलावा राशन कार्ड, बिजली, पेंशन, अतिक्रमण और पुलिस से संबंधित समस्याएं भी रखी गईं। उपायुक्त आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर की अध्यक्षता एसडीएम डॉ. हनी बंसल ने की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
नाम पर चार बिजली मीटर, बिल से परेशान मधु
सेक्टर-10 निवासी मधु ने बताया कि उनके नाम पर चार बिजली मीटर दर्ज हैं और चारों के बिल आ रहे हैं, जबकि इनमें से केवल एक मीटर उनका है। बाकी तीन मीटरों से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र में भी आय संबंधी गड़बड़ी है। परिवार की वास्तविक वार्षिक आय तीन लाख रुपये है, जबकि फैमिली आईडी में सभी सदस्यों की आय जोड़कर 10 से 12 लाख रुपये दर्ज की गई है।
18 साल से आंगनबाड़ी में काम, दो साल से वेतन नहीं
प्रेम नगर निवासी बसंती ने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र में खाना बनाने का काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें स्थायी नौकरी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर उन्हें परेशान किया जा रहा है और पिछले दो वर्षों से वेतन भी नहीं मिला है। आर्थिक तंगी के बीच परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। बकाया वेतन मिलने की उम्मीद में वह दूसरी बार समाधान शिविर में पहुंचीं।
आय अधिक दर्ज होने से नौ महीने से राशन कार्ड बंद
भूपानी निवासी अमर सिंह ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में आय अधिक दर्ज होने के कारण उनका राशन कार्ड बंद हो गया है। उनके परिवार में पांच सदस्य हैं और पिछले नौ महीने से राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए शिविर में शिकायत दी, जहां उन्हें आश्वासन मिला।
पत्नी की पेंशन के लिए लगा रहे दफ्तरों के चक्कर
पर्वतीय कॉलोनी निवासी कुंजीलाल कौशिक ने बताया कि उनकी पत्नी की पेंशन अब तक नहीं बन पाई है। वह स्वयं भी बीमार रहते हैं और पेंशन बनवाने के लिए कई बार समाधान शिविर में आ चुके हैं। उनके अनुसार, पेंशन के लिए वर्ष 2000 से पहले का रिकॉर्ड मांगा जा रहा है, लेकिन उनके पास इतने पुराने दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।