ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बढ़ सकती है मरीजों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों ने सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। डॉ. विवेक जांगड़ा के समर्थन में सैकड़ों पीजी रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर सुबह नौ बजे से अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर धरने पर बैठे। हड़ताल शाम तक जारी रही। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल का हिस्सा रहे डॉ. रमन ने बताया कि उप चिकित्सा अधीक्षक से बात करने का आश्वासन दिया गया है। उनसे बात होने के बाद तय किया जाएगा कि आगे यह हड़ताल कैसे बढ़ेगी। यह हड़ताल डॉ. विवेक जांगड़ा के ड्यूटी के दौरान क्वाड्रीपेरेसिस से पीड़ित होने के बाद से शुरू हुई है। दरअसल बीते शनिवार को वह एक सर्जरी कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें कंधे में दर्द हुआ। इसके बाद उनके हाथ-पैर सुन्न होने लगे, पर इसके बावजूद ईएसआईसी में उनका इलाज नहीं किया गया। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यही कारण है कि डॉक्टरों का कहना है कि वह मरीज का इलाज तो करते हैं, पर उन्हें कुछ हो जाएगा, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. कविन्द्र सिंह रोहिल्ला ने बताया कि अस्पताल में करीब 400 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। उनका आरोप है कि रेजिडेंट डॉक्टरों के पूर्ण मेडिकल बेनिफिट कार्ड नहीं बनाए गए हैं। इसके कारण जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज की सुविधाएं लेने में परेशानी होती है।
साथ ही डॉक्टरों ने 19 सितंबर को गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर मामले में जवाबदेही तय करने और उपचार में हुई व्यवस्थागत चूक को लेकर लिखित जवाब देने की मांग की है। साथ ही यह भी पूछा है कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। डॉक्टरों ने कॉलेज प्रशासन से डॉ. विवेक जांगड़ा के परिजनों से मौखिक और लिखित रूप से माफी मांगने की मांग रखी है। इसके अलावा उनके उपचार से जुड़े सभी खर्च ईएसआईसी द्वारा वहन करने की मांग की गई है।