जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई, जल्द समस्या के समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-70 स्थित मलबरी काउंटी सोसाइटी में बुधवार को बच्चे को कुत्तों के काटने की घटना के बाद सोसाइटी निवासियों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय पहुंचकर जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद नगर निगम बल्लभगढ़ में अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखकर तत्काल समाधान की मांग की। शिकायत के बाद नगर निगम अधिकारियों ने निवासियों को जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को नगर निगम की टीम सोसाइटी का दौरा कर कुत्तों पकड़ेगी।
रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए सोसाइटी प्रबंधन (एमजीएच) और सुरक्षा एजेंसी पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। आरडब्ल्यूए प्रधान डॉली का कहना है कि पिछले कई महीनों से सोसाइटी परिसर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को लेकर लगातार शिकायतें और लिखित पत्र दिए जाते रहे हैं, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
लोगों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी फरीदाबाद नगर निगम को कई शिकायतें भेजी थीं। हाल ही में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त और स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात कर कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब सोसाइटी निवासियों ने सोसाइटी के प्रबंधन से 48 घंटे के भीतर मामले की जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा, सुरक्षा एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और सात दिन के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है। साथ ही बेसमेंट और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने और नगर निगम के साथ मिलकर कुत्तों के प्रबंधन की स्थायी योजना बनाने की भी मांग की गई है।
निवासियों से बातचीत
घटना के बाद लोग घरों से निकलने में भी डर रहे हैं। सोसाइटी परिसर खाली है, कोई भी बच्चा व अन्य लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहा है। - सुमित राय
यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो हम संबंधित नियामक एवं कानूनी प्राधिकरणों का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। - सरिता, (घायल बच्चे की माता)
सोसाइटी में हर 15 दिन में कुत्ते एक व्यक्ति को काटते ही हैं। कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। - राजश्री गुप्ता
सोसाइटी में डर का माहौल बना हुआ है। निवासी घरों से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। काम भी प्रभावित हो रहा है। - निशा, निवासी