सिंगापुर की कंपनी को सौंपा गया काम, सफर सुरक्षित होने के साथ जाम से मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बाटा फ्लाईओवर में दरार सामने आने के बाद दिल्ली से आगरा तक राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत और सुधार का काम तेज कर दिया गया है। दिल्ली-आगरा हाईवे पर कई हिस्सों में पुरानी सड़क को पूरी तरह हटाकर नई सड़क बनाई जा रही है, जबकि जिन जगहों पर सड़क की हालत ठीक है वहां केवल पैचवर्क किया जा रहा है। इस काम का मकसद हाईवे को सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ बनाना है ताकि रोजाना सफर करने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
यह हाईवे दिल्ली से शुरू होकर फरीदाबाद, पलवल और कोसी कलां होते हुए आगरा तक जाता है। इस मार्ग की कुल लंबाई करीब 155 से 161 किलोमीटर है। बाटा फ्लाईओवर में आई दरार के बाद सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे, जिसके बाद पूरे रूट की जांच कर मरम्मत का फैसला लिया गया। पहले इस हाईवे को चार लेन से छह लेन करने का काम एक भारतीय कंपनी ने किया था। इसके बाद सड़क के रखरखाव और सुधार का जिम्मा सिंगापुर की कंपनी को सौंप दिया गया।
सिंगापुर की कंपनी की ओर से कई स्तर पर किया जा रहा काम
सिंगापुर की कंपनी की ओर से हाईवे को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए कई स्तर पर काम किया जा रहा है। सड़क की नियमित सफाई, कचरा उठाव, खराब हिस्सों की मरम्मत और जरूरत के अनुसार नई परत बिछाने का काम चल रहा है। हाल ही में दिल्ली से आगरा तक सड़क पर सफेद पट्टियां बनाई गई हैं। डिवाइडर पर सफेद और काली पट्टी की पेंटिंग की गई है, जिससे रात और दिन दोनों समय सड़क साफ दिखाई दे। इसके साथ ही अन्य जरूरी रोड मार्किंग भी की गई है, ताकि वाहन चालकों को लेन और दिशा समझने में आसानी हो।
सुरक्षा से जुड़े उपकरणों को भी दुरुस्त किया जा रहा है
मरम्मत कार्य के दौरान हाईवे पर सुरक्षा से जुड़े उपकरणों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। जहां पहले से लगे हैं वहां उनकी मरम्मत की जा रही है और जहां नहीं हैं वहां नए लगाए जाएंगे। क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं, जिससे हादसे की स्थिति में वाहन सड़क से बाहर न जाए। सड़क में धंसे हुए रोड स्टड्स या कैट्स आई लगाए जा रहे हैं, जो रात में वाहन की लाइट पड़ते ही चमकते हैं और रास्ता दिखाते हैं। डिवाइडर पर एंटी-ग्लेयर ग्रिल लगाई जा रही है, ताकि सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी से आंखों पर असर न पड़े। इसके अलावा सड़क पर रंबल स्ट्रिप्स बनाई जा रही हैं, जो उभरी हुई होती हैं और वाहन के गुजरने पर हल्की झनझनाहट पैदा करती हैं। इससे चालक को सतर्क होने का संकेत मिलता है। मोड़ और किनारों पर डेलीनेटर लगाए जा रहे हैं, जो परावर्तक खंभों के रूप में होते हैं और रात में सड़क की सीमा बताते हैं। इन सभी कार्यों से हाईवे पर सफर पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होने की उम्मीद है।
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दिल्ली-आगरा हाईवे पर मरम्मत और रखरखाव का काम तय मानकों के अनुसार किया जा रहा है। सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम सफर मिल सके।-एनएचएआई उप महाप्रबंधक धीरज सिंह