ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के मरीज भी करा रहे डायलिसिस, आसपास के 25 गांवों के लोगों को मिल रहा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू होने से किडनी रोगियों को राहत मिल रही है। अब आसपास के करीब 25 गांवों के मरीजों को डायलिसिस के लिए दूर के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब आठ मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। इससे स्थानीय मरीजों के साथ-साथ ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के मरीजों को भी सुविधा मिल रही है। मेडिकल कॉलेज में हर रोज करीब 300 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिनमें से आठ मरीज डायलिसिस के लिए भी आते हैं। इन मरीजों की डायलिसिस डीटीडीसी किडनी केयर सेंटर में की जाती है। यह सेंटर 29 में 2026 को शुरू किया गया था। इस केंद्र के शुरू होने से जहां एक और मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को फायदा मिल रहा है। वहीं आसपास के गांव में रहने वाले अन्य मरीज भी इसका फायदा उठा रहे हैं। अस्पताल में हफ्ते में तीन दिन हर रोज करीब 8 मरीजों की डायलिसिस की जाती है जो की फ्री ऑफ कास्ट है। डायलिसिस सेंटर शुरू होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भरता कम हो गई है।
दूरी की वजह से होते थे परेशान : ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के कुछ मरीज भी अब श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर डायलिसिस करा रहे हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में सुविधा मिल रही है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के मरीज कहना है कि उनके गांव से वह अस्पताल करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर पड़ता था। जिससे की मरीज को आने जाने में परेशानी होती थी, लेकिन जब से मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस सेंटर शुरू हुआ है। तब से वह इसी घर के पास दो से तीन किलोमीटर के दायरे में ही डायलिसिस करवा लेते हैं। मरीजों के लिए स्थानीय स्तर पर यह सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पहले ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में अस्पताल में डायलिसिस करवाने के लिए जाती थी, लेकिन जब से यह सुविधा छायसा के मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई है l तब से वह इसी कॉलेज में आ रही है, क्योंकि यह उनके घर के बहुत ही पास है।
राजबाला
दूर डायलिसिस करवाने में इनको काफी परेशानी होती थी, लेकिन जब से मेडिकल कॉलेज में फ्री ऑफ कॉस्ट डायलिसिस शुरू है। तब से वह हफ्ते में तीन दिन आकर इसी केंद्र पर डायलिसिस करवाते हैं। शिशुपाल
पहले मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस सेंटर नहीं होने की वजह से वह निजी अस्पताल में जाकर हजारों रुपए खर्च कर डायलिसिस करवाती थी, लेकिन अब यह सुविधा शुरू होने से उनके आमदनी पर भी अब असर नहीं पड़ रहा है। श्यामवती
हफ्ते में तीन दिन आसानी जाकर डायलिसिस करवा लेती है, उनको किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है।- किरण