संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली उत्सव में सहारनपुर से आए कारीगर रहमान का स्टाल नंबर 944 आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उनके द्वारा निर्मित बच्चों के खिलौनें, सजावटी सामान, लकड़ी की दीवार घड़ी, लकड़ी का शीशा फ्रेम, अलग-अलग डिजाइन की गुल्लक, ड्राईफ्रूट बॉक्स, लकड़ी से बनीं ट्रे व लकड़ी से बने अन्य सामान लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। यही वजह है उनकी स्टाल पर खरीदारों का तांता लगा रहता है। उन्होंने बताया कि पिछले बीस साल से वह इस काम को कर रहे हैं। इन लकड़ी के खिलौनों की भारतीय बाजार में खूब मांग है। आज यह हमारे व्यवसाय संचालन के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। भारतीय खिलौना निर्माता यह सुनिश्चित करते हैं कि डिजाइन से लेकर पैकेजिंग तक उत्पादन प्रक्रिया का हर चरण देश के भीतर ही संचालित होता है। यह रणनीतिक निर्णय न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है बल्कि स्थानीय कारीगर समुदायों और श्रमिकों का भी समर्थन करता है।