मेहनत और आत्मविश्वास ने धीरे-धीरे छोटे प्रयास को कौशल प्रशिक्षण केंद्र का रूप दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सोताई गांव की महिला आरती ने पति के निधन के बाद आई कठिन परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ने पर उन्होंने अपने हुनर को ही सहारा बनाया और घर से छोटे स्तर पर सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू किया। उनकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास ने धीरे-धीरे इस छोटे प्रयास को एक कौशल प्रशिक्षण केंद्र का रूप दे दिया। आज उनके केंद्र में गांव और आसपास के क्षेत्रों की आठ से नौ महिलाएं प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
केंद्र में महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, फैशन डिजाइनिंग और अन्य रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कई महिलाएं घर से ही सिलाई का काम कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। केंद्र संचालिका आरती का कहना है कि उनका उद्देश्य महिलाओं को केवल हुनर सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित करना भी है।
यहां आकर मैंने सिलाई का काम अच्छी तरह सीखा। अब मैं घर से काम करके परिवार की आय बढ़ा रही हूं।
- कलावती
पहले खाली समय घर के काम में ही निकल जाता था। अब हुनर सीखकर अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है।
- संध्या
इस प्रशिक्षण केंद्र ने मुझे आत्मविश्वास दिया है। अब मैं खुद का छोटा काम शुरू करने की तैयारी कर रही हूं।
- अनु
यह केंद्र महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी है। यहां आकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
- कल्पना