ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार होने के साथ लोगों को बरसात के समय होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम ने शहर के वार्ड नंबर-26 में सूर्या नगर से इस्माइलपुर तक एक आधुनिक और मजबूत आरसीसी (रीइंफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) नाले के निर्माण का निर्णय लिया है। इस परियोजना के लागू होने से ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार होने के साथ बरसात के समय होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
सूर्या नगर, इस्माइलपुर और इससे जुड़े आसपास के इलाकों में हर साल मानसून के दौरान हालात काफी खराब हो जाते हैं। थोड़ी सी तेज बारिश में ही सड़कों पर पानी भर जाता है। वहीं मुख्य मार्गों पर पानी भरने से लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। इसमें दोपहिया और चारपहिया वाहन कई-कई घंटे फंसे रहते है। कई बार पानी घरों और दुकानों तक आ जाता है इससे लोगों को आर्थिक रूप से भी नुकसान हो जाता है। अब नाला बनने के लोगों की परेशानियां दूर हो जाएंगी।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से इस इलाके में पक्के और आधुनिक नाले की मांग की जा रही थी। मौजूदा कच्चे और खुले नाले पर्याप्त क्षमता के नहीं है और न ही इनमें नियमित सफाई हो पाती है। इसके कारण बारिश का पानी सड़कों पर फैल जाता है। अब नगर निगम द्वारा इस मांग को स्वीकार करते हुए आरसीसी नाले के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पौने दो करोड़ रुपये की परियोजना
इस परियोजना पर कुल पौने दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के लिए 8 महीने की समय-सीमा तय की गई है। जानकारों का कहना है कि अगली बारिश से पहले इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
तकनीकी रूप से आधुनिक होगा नाला
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित नाला पूरी तरह आरसीसी से निर्मित होगा। जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन लंबे समय तक बना रहेगा। यह बंद नाला होगा जिससे पानी की निकासी तेज और सुचारू रूप से हो सकेगी। खुले नालों की तुलना में आरसीसी नालों में गंदगी जमा होने की समस्या कम होती है और दुर्गंध भी नहीं फैलती। अधिकारियों का कहना है कि नाले का डिजाइन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी और शहरीकरण के दबाव को भी संभाला जा सके।
स्वास्थ्य के साथ स्वच्छता के क्षेत्र में मिलेगा लाभ
जलभराव की समस्या का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। बरसात के बाद कई दिनों तक पानी जमा रहने से मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है, इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। गंदा पानी जमा होने से बदबू फैलती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। नए आरसीसी नाले के निर्माण से पानी तेजी से बाहर निकलेगा, जिससे जल जनित बीमारियों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी और क्षेत्र में स्वच्छता का स्तर बेहतर होगा।
सड़कों और यातायात को भी राहत
कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था के कारण सड़कों की हालत भी खराब हो रही है। बारिश का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहने से सड़कें जल्दी टूट जाती है और गड्ढे बन जाते है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। बेहतर जल निकासी से सड़कों की उम्र बढ़ेगी व बार-बार मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी। नाला बनने के बाद यातायात अधिक सुगम होगा।
प्रॉपर्टी वैल्यू पर पड़ेगा सकारात्मक असर
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी इलाके में ड्रेनेज, सड़क और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने से वहां की प्रॉपर्टी वैल्यू में इजाफा होता है। सूर्या नगर और इस्माइलपुर क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव की समस्या के कारण लोग प्रॉपर्टी खरीदने से हिचकते थे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद इलाके की छवि बेहतर होगी और जमीन व मकानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
परियोजना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय निवासियों में उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि अगर यह नाला तय समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ बन जाता है तो कई साल पुरानी जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है। नगर निगम अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
लोगों की सुविधा के लिए निगम की तरफ से तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द लोगों को इसका परियोजना का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - डालचंद, कार्यकारी अभियंता नगर निगम