अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा भड़के तनाव से उद्यमी चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा भड़के भू-राजनीतिक तनाव ने फरीदाबाद के डाई उद्योग की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। युद्ध की आहट के साथ ही डाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के दाम एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। शीट मेटल, कार्ट्रिज हीटर और कार्बाइड बॉक्स से लेकर औद्योगिक तेल तक हर जरूरी चीज के दाम उद्यमियों के बजट से बाहर हो रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले हुए युद्ध के दौरान कच्चे तेल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 150 रुपये तक पहुंच गए थे। वहीं, 1200 रुपये का कार्बाइड बॉक्स 1800 रुपये, कार्ट्रिज हीटर 500 रुपये की जगह 750 रुपये और शीट मेटल 60 रुपये से उछलकर 80-90 रुपये प्रति किलो हो गया था। हालांकि, सीजफायर होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुलने के बाद बाजार संभल रहा था। मंदी के दौर में कार्बाइड बॉक्स 2500 रुपये, कार्ट्रिज हीटर 600-650 रुपये, शीट मेटल 70 रुपये और ऑयल 130 रुपये तक आ गया था लेकिन नया विवाद शुरू होते ही कार्बाइड बॉक्स 2600 रुपये के पार जा चुका है और कार्ट्रिज हीटर भी 700 रुपये को छू रहा है।
कच्चे माल की अनिश्चित कीमतों के कारण नए ऑर्डर की लागत तय करना मुश्किल हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार जल्द शांत नहीं हुआ, तो कई इकाइयां बंद हो जाएंगी।
- श्याम सुंदर कपूर, उद्यमी
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में हलचल बढ़ते ही सप्लाई चेन प्रभावित होती है। सरकार को एमएसएमई क्षेत्र को बचाने के लिए कच्चे माल के दामों पर नियंत्रण लगाना चाहिए।
- वीरभान शर्मा, उद्यमी
कार्बाइड बॉक्स और शीट मेटल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। लागत बढ़ने से हमारा मुनाफा खत्म हो गया है और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करना नामुमकिन हो रहा है।
- ब्रिजेश, उद्यमी
युद्ध के कारण तेल और लॉजिस्टिक्स महंगे हो गए हैं। तैयार माल का ऑर्डर पहले के रेट पर है, जबकि कच्चा माल महंगा मिल रहा है। भारी नुकसान हो रहा है।
- सुखदेव सिंह, उद्यमी