फरीदाबाद। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से राशन डिपो पर सस्ता प्याज वितरण शुरू कर दिया गया है। रविवार को अलग-अलग राशन डिपो पर करीब 500 लोगों ने प्याज खरीदा। वहीं, कुछ जगह डिपो संचालकों की लापरवाही भी नजर आई। डिपो बंद रहने से लोगों को खाली हाथ वापस घर लौटाना पड़ा।
जिले में करीब 700 राशन डिपो हैं। इनमें 500 शहरी क्षेत्र में और 200 ग्रामीण इलाकों में स्थित है। बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को सस्ते दाम पर प्याज बेचने के निर्देश जारी किए थे। सरकार के आदेश पर राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) से पांच ट्रक करीब 250 क्विंटल प्याज मंगवाया गया।
रविवार को संवाददाता ने सेक्टर-23 संजय कॉलोनी और जवाहर कॉलोनी के कई राशन डिपो का दौरा किया। इस दौरान डिपो पर कई खामियां नजर आई। संजय कॉलोनी 33 फुट रोड विकास गार्डन के पास स्थित डिपो धारक ने दुकान पर न तो कई बोर्ड लगा रखा और न ही राशन डिपो संबंधी कोई सूचना दी। रविवार को दुकान पर ताला लटका मिला। गुप्ता टेंट हाउस एंड कैटर्स का बोर्ड लगी दुकान में ही राशन डिपो खोला हुआ। इसमें ही टेंट का काम किया जाता है। प्याज बेचने के संबंध में जब डिपो धारक विकास से बात की गई तो उसने कहा कि हमारे पास प्याज बेचने की कोई सूचना नहीं। जब प्याज आएगा तो उसे गेहूं के साथ बेचा जाएगा। चार दिन में गेहूं बेचना शुरू किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर 22 फुट रोड गली नंबर नौ के पास बनी राशन की दुकान पर भी कोई नजर नहीं आया। राशन डिपो की जानकारी नहीं होने से कार्ड धारक अनाज के लिए इधर-धर भटकते रहते हैं। डिपो संचालक संजीव का कहना है कि अभी उनके पास प्याज पहुंचा नहीं हैं। दूसरा पीओएस मशीन से एक बार में केवल एक ही सामना लोगों को दिया जा सकता है। अगर हम गेहूं देगे तो प्याज नहीं दे सकते। इसी तरह जवाहर कॉलोनी में कई डिपो पर अभी प्याज पहुंची नहीं है। संजय कॉलोनी में केवल वेद गोयल राशन डिपो पर प्याज लोगों को खरीदने को मिल रही है। डिपो धारक वेद गोयल ने बताया कि एक दिन में करीब 100 किलो प्याज बिकी हैं। कार्ड धारकों को मशीन से ही प्याज दे रहे हैं।
शहरी क्षेत्र के करीब 285 राशन डिपो पर प्याज पहुंच चुकी है, बाकियों पर भी जल्द पहुंच जाएगी। ऐसा कोई नियम नहीं कि गेहूं बेचने के बाद प्याज नहीं बेच सकते। कोई डिपो धारक प्याज बेचने में लापरवाही नहीं बरते। प्याज वितरण में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- केके गोयल, जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नियंत्रक (डीएफएससी)