फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: बारिश, जलभराव और जाम फिर नाकाफी नजर आए प्रशासन के इंतजाम

विज्ञापन
विज्ञापन
61 मिमी बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल, दिन में भी बंद रहा ओल्ड अंडरपास
विज्ञापन

- हाईवे से फ्लाईओवर तक घंटों रेंगता रहा ट्रैफिक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून की शुरुआती तेज बारिश ने एक बार फिर स्मार्ट सिटी फरीदाबाद की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार सुबह से बुधवार सुबह आठ बजे तक जिले में 61 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश का सबसे अधिक असर शहर की सड़कों, रेलवे अंडरपास और राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिखाई दिया। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास पूरी रात बंद रहा जबकि अन्य अंडरपास में भी जलभराव होने से बुधवार सुबह पीक ऑवर में पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। कार्यालय, स्कूल और कारोबार के लिए निकले हजारों लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। दिल्ली से मथुरा और आगरा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रशासन के इंतजाम एक बार फिर नाकाफी नजर आए।


हाईवे पर हर थोड़ी दूरी पर दिखा पानी, रफ्तार हुई धीमी

बारिश के बाद सुबह के समय राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सर्विस लेन के अलावा मुख्य मार्ग के किनारों पर भी पानी जमा होने से वाहनों की गति काफी धीमी हो गई। कई जगह करीब हर आधे किलोमीटर पर जलभराव दिखाई दिया। सुबह कार्यालय जाने के समय और शाम को लौटने के दौरान हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। दिल्ली, पलवल, मथुरा और आगरा की ओर जाने वाले वाहन भी इस जाम से अछूते नहीं रहे।
विज्ञापन


अंडरपास बंद होने का दबाव फ्लाईओवरों पर पड़ा

ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में पानी भरने की आशंका के चलते उसे पूरी रात बंद रखा गया। बुधवार को भी दिनभर यातायात शुरू नहीं हो सका। अन्य अंडरपास में भी जलभराव के कारण वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े। इसका सीधा असर बाटा आरओबी, नीलम फ्लाईओवर और बड़खल आरओबी पर पड़ा जहां सुबह और शाम के समय वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई लोगों को रोजाना की तुलना में दोगुना समय लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

बाटा और नीलम चौक के आसपास दिनभर बनी रही परेशानी

बारिश थमने के बाद भी शहर के कई हिस्सों से पानी जल्दी नहीं निकल सका। बाटा रेलवे पुल के आसपास और नीलम चौक मेट्रो स्टेशन के पास पेट्रोल पंप के बाहर सड़क पर लंबे समय तक पानी भरा रहा। कई दोपहिया वाहन चालकों को पानी के बीच से निकलना पड़ा, जबकि छोटे वाहन धीमी गति से गुजरते रहे। सड़क पर पानी जमा रहने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहा।


बुधवार को भी जारी रही बारिश
मंगलवार की तेज बारिश के बाद बुधवार को भी मौसम मेहरबान रहा। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक शहर में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। तिगांव में 38 मिमी, मोहना में 22 मिमी, बल्लभगढ़ में 20 मिमी, गौंछी में 15 मिमी, बड़खल में 14 मिमी, दयालपुर में 12 मिमी और धौज में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने में और समय लगा।

प्रशासन सतर्क रहा लेकिन स्थायी समाधान अब भी दूर

पहले दिन हुई बारिश के बाद बुधवार को प्रशासन पहले से अधिक सक्रिय नजर आया। नगर निगम और अन्य विभागों की टीमें सुबह से ही जलभराव वाले स्थानों पर पहुंच गईं। कई संवेदनशील जगहों पर पंपसेट, पानी निकासी के ट्रक और कर्मचारी तैनात रहे। लगातार पंप चलाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया ताकि यातायात सामान्य हो सके। हालांकि कई स्थानों पर घंटों मशक्कत के बाद भी पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी।
विज्ञापन


हर मानसून में दोहराई जा रही वही तस्वीर

फरीदाबाद में बारिश के दौरान जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। हर वर्ष मानसून शुरू होते ही ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास, बाटा क्षेत्र, नीलम चौक, राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस लेन और कई प्रमुख सड़कें जलभराव की चपेट में आ जाती हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई और जल निकासी सुधारने के दावे किए जाते हैं लेकिन पहली तेज बारिश में ही व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। इस बार भी स्थायी समाधान के बजाय पंपसेट के सहारे पानी निकालकर हालात संभालने की कोशिश की गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें