निजी बसों के सड़क और हाईवे पर खड़े होकर सवारियां भरने की भी मिलती रही हैं कई शिकायतें
दिल्ली-आगरा हाईवे पर रात में सराय टोल और ओल्ड फरीदाबाद चौक के आसपास बसें रोककर बिठाए जाते हैं यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर नोएडा में चलती बस में आग लगने से यात्रियों की मौत के बाद फरीदाबाद में भी बसों की फिटनेस और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शहर में रोजाना बड़ी संख्या में लोग रोडवेज और निजी बसों से सफर करते हैं। ऐसे में बसों की तकनीकी स्थिति के साथ आग से बचाव के इंतजाम और आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी हो गया है।
फरीदाबाद में निजी बसों के सड़क और हाईवे पर खड़े होकर सवारियां भरने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। दिल्ली-आगरा हाईवे पर रात के समय सराय टोल और ओल्ड फरीदाबाद चौक के आसपास बसें रोककर यात्रियों को बिठाया जाता है। कई बार सवारी के इशारे पर एलीवेटेड हाईवे पर भी बस रोकने की स्थिति बन जाती है। बाईपास रोड पर सेक्टर-37 और सेहतपुर के पास भी सड़क से सवारियां बिठाने की शिकायत है। इससे अचानक ब्रेक लगाने पर पीछे से आने वाले वाहनों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बिठाने की शिकायत भी सुरक्षा से जुड़ा अहम पहलू है। हादसे की स्थिति में ज्यादा यात्रियों के होने से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में बसों की फिटनेस के साथ अग्निशमन यंत्र, वायरिंग, आपातकालीन निकास और निर्धारित क्षमता के अनुसार यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की जांच जरूरी है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय सचिव मुनीश सहगल ने बताया कि बसों की फिटनेस की जांच नियमानुसार की जाती है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जाती है।
इसी साल चलती सिटी बस में लगी थी आग
फरीदाबाद में इसी साल मंझावली रोड पर गांव घरौड़ा के पास चलती सिटी बस में अचानक आग लग गई थी। बस में उस समय एक ही यात्री था, जिसे चालक ने समय रहते सुरक्षित नीचे उतार लिया। चालक के मुताबिक, इंजन से धुआं और चिंगारी निकलने के बाद बस रोक दी गई थी। कुछ ही मिनट में आग ने पूरी बस को चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जांच में वायरिंग में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया गया था। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी।