प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ और बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाने के विरोध में सोमवार को सैकड़ों लोगों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग उठाई।
भीड़ को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा कारणों से लघु सचिवालय का मुख्य गेट बंद कर प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 50 से 60 वर्ष पुरानी नेहरू कॉलोनी में बिना पर्याप्त नोटिस दिए तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाना चाहिए। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान कई मकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन भी काट दिए गए, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरने में शामिल लोगों ने मांग की कि प्रभावित परिवारों के बिजली-पानी के कनेक्शन तत्काल प्रभाव से बहाल किए जाएं। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न कर्मचारी और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी लोगों का समर्थन किया। लोगों ने कहा कि हाईकोर्ट से राहत जरूर मिली है, लेकिन उन्हें सब लिखित रूप में चाहिए।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि जिन लोगों के घर अमानवीय तरीके से तोड़े गए हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाए और उनके लिए आवश्यक जनसुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से फिलहाल नेहरू कॉलोनी के लोगों को तोड़फोड़ से राहत दी गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
सीटू यूनियन के राज्य महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं रोकी गई और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 27 जून को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर या कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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लोगों से बातचीत
जिन लोगों के घर तोड़ दिए गए हैं, वे लोग बेघर हो गए हैं। सरकार की ओर से उन्हें रहने के लिए कोई स्थान देना चाहिए। - हुकुम सिंह
वहां रहने वाले निवासियों का बिजली और पानी बंद कर दिया गया। सभी को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। - विरेंद्र सिंह डंगवाल
हमें हाइकोर्ट से राहत जरूर मिली है, लेकिन हम चाहते हैं हमें सब लिखित रूप में मिले, जिससे भविष्य में हमें परेशानी न हो। - संतोष
जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाना चाहिए। जिससे उन लोगों को राहत मिल सके। - मनीषा