फरीदाबाद। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की ओर से बृहस्पतिवार को अजरौंदा स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष चतर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के शिक्षा विभाग के आदेश का विरोध किया गया। 29 सितंबर को जिला मुख्यालय स्थित उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
चतर सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर को जारी पत्र में शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर टीईटी पास करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के करीब 12 हजार प्राथमिक शिक्षकों समेत लगभग 50 हजार शिक्षक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों को भी दो वर्ष में टीईटी पास करना होगा। ऐसा नहीं करने पर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही ऐसे शिक्षकों की पदोन्नति पर भी रोक लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर 29 सितंबर को दोपहर तीन बजे जिला मुख्यालय स्थित उपायुक्त के कार्यालय पर शिक्षक प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से सौंपा जाएगा। बैठक में शिक्षकों ने गैर शैक्षणिक कार्यों, एसआईआर और जनगणना ड्यूटी से पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया। 25 सितंबर से अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू होने पर भी चिंता जताई। संवाद