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कर्मचारी व किसान नेता को हिरासत में लिए जाने पर विरोध प्रदर्शन

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फरीदाबाद। भारत बंद की घोषणा के बाद पुलिस ने शहर में कई कर्मचारी व किसान नेताओं को नजरबंद कर दिया था। इस कार्रवाई से नाराज सर्व कर्मचारी संघ ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, उन्होंने जिला उपायुक्त को ज्ञापन देकर 14 दिसंबर को शांतिपूर्ण धरने की इजाजत मांगी है।
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सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष लांबा का आरोप है कि भारत बंद के दौरान पुलिस ने कर्मचारी व किसान नेताओं के घरों पर दिन-रात छापेमारी कर उन्हें नजरबंद कर दिया था। उपायुक्त यशपाल यादव को दिए ज्ञापन में कहा है कि किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने नरेश कुमार शास्त्री व बलबीर सिंह के घरों पर छापेमारी कर उन्हें नजरबंद कर दिया था। यह पूरी तरह से गलत है। कर्मचारी और किसान नेता जिले में शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन करते हैं। उन पर इस तरह पुलिस का पहरा बैठाना गलत है।
जिला उपायुक्त ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि इस मामले में वह पुलिस आयुक्त से बात करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी व किसान नेताओं के घरों पर कार्रवाई न की जाएगी। इस मौके पर कर्मचारी नेता युद्धवीर सिंह खत्री, शब्बीर अहमद गनी, राजबेल देसवाल, करतार सिंह, गुरचरण सिंह, राज सिंह और भीम सिंह सहित कई अन्य कर्मचारी नेता प्रदर्शन में शामिल हुए।
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