- हत्या के प्रयास के मुकदमे में छात्र था विचाराधीन बंदी
- देर शाम बाहर आने के बाद परिवार के साथ जा रहा था घर
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बदमाशों ने जमानत पर बाहर आए छात्र पर हमला कर दिया। छात्र हत्या के प्रयास में नीमका जेल में विचाराधीन बंदी है। बदमाशों ने छात्र के हाथ-पांव तोड़ दिए। घायल को उपचार के लिए बीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
लालकुआं थाना पहलादपुर दिल्ली निवासी जीत शर्मा ने बताया कि उसके भाई उमेश का बीते 2 नवंबर को सूरजकुंड इलाके में तिगांव के रहने वाले अशोक, तरुण और योगेश के साथ झगड़ा हो गया था। झगड़े की सूचना उनके भाई उमेश ने फोन पर दी। उसके बाद वह भाई को बचाने के लिए गए तो झगड़े में अशोक को गंभीर चोटें आईं थी। पुलिस ने उमेश और जीत के खिलाफ हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया था। दोनों भाई 11 दिसंबर से जेल में बंदी थे।
जेल से बाहर निकलते ही हुआ हमला
बृहस्पतिवार को अदालत ने जीत शर्मा को जमानत दे दी। वह अपने पिता अनिल शर्मा, मां अनीता के साथ पैदल नीमका जेल से बाहर हनुमान मंदिर के पास से जा रहे थे। जीत का आरोप है कि इस दौरान घात लगाकर बैठे 10 से 15 लोगों ने हॉकी व डंडों से उनके ऊपर हमला कर दिया। बदमाशों में गांव तिगांव निवासी तरुण व अशोक भी शामिल थे। बदमाशों ने उनके हाथ पांव तोड़ दिए। घटना के बाद उनके पिता अनिल ने फोन करके पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्र को उपचार के लिए बीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घायल जीत शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र है। जीत के बड़े भाई उमेश मानेसर की निजी कंपनी में काम करते हैं।
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विचाराधीन बंदी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - बसंत कुमार, प्रभारी, थाना सदर