टाउन प्लानिंग विभाग की ओर से एनआईटी-1, 2, 3, 5 और नहर पार के क्षेत्रों के लिए किया जा रहा काम
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। शहर के भीड़भाड़ वाले ऐसे क्षेत्र जो सार्वजनिक परिवहन सेवा से नहीं जुड़ पा रहे हैं वहां के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण पॉड टैक्सी चलाने पर विचार कर रहा है। शहरवासियों को ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए मेट्रो पर आ रही ज्यादा लागत को देखते हुए पॉड टैक्सी उचित साधन लग रहा है। एफएमडीए के टाउन प्लानिंग विभाग की ओर से एनआईटी-1, 2, 3 और 5 क्षेत्र के अलावा नहर पार के क्षेत्रों में इसके लिए कार्य किया जा रहा है।
नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में क्षेत्रीय त्वरित वाहन प्रणाली (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम-आरआरटीएस) के तहत फरीदाबाद शहर के अंदर पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए एफएमडीए ने योजना बनाई थी। इधर हाल ही में फरीदाबाद से गुरुग्राम तक मेट्रो की कनेक्टिविटी एलाइनमेंट न मिलने के कारण अधर में लटकी हुई है। ऐसे में फरीदाबाद से गुरुग्राम तक ईस्टर्न-वेस्टर्न कनेक्टिविटी योजना के जरिए नोएडा-दिल्ली से आने वाले ट्रैफिक को गुरुग्राम तक सुगमता से सड़क यात्रा कराने की योजना पर काम चल रहा है। वहीं, मेट्रो से शहर के अन्य हिस्से को जोड़ने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण के योजनाकार विभाग बैठक कर इसकी योजना बना रहा है।
योजना के तहत शहर के जिन क्षेत्रों में अधिक बजट या यात्रियों की कमी के चलते मेट्रो चलाना मुफीद नहीं हो पा रहा है। ऐसे क्षेत्रों में पॉड टैक्सी चलाने की योजना बनाई जा रही है। पूर्व में मास्टर प्लान 2041 में इसे चलाने की योजना थी। अब शहरवासियों की बढ़ती जरूरत के अनुसार लगभग 10 वर्ष पहले मास्टर प्लान-2031 के अंतर्गत चलाने की योजना पर विचार चल रहा है।
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एनआईटी के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जाना होगा आसान
पहले चरण में इसके लिए दो स्थानों का चयन किया गया है। इनमें सबसे पहले सबसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में एनआईटी क्षेत्र को चुना गया है। मेट्रो से नीलम-अजरौंदा रूट से इसे बीके अस्पताल और एनआईटी-1, 2, 3 और 5 क्षेत्र में चलाया जा सकेगा। इससे लोगों के समय और पैसे की बचत होगी।
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ग्रेटर फरीदाबाद के लोगों को मिल सकेगी राहत
नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद में भी बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी न होने के कारण यहां के निवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यहां के लोगों को कहीं भी जाने के लिए मेट्रो तक कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
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मेट्रो से एक-चौथाई से भी कम बजट में चल सकेगी पॉड टैक्सी
पॉड टैक्सी का बजट मेट्रो से करीब एक-चौथाई से भी कम रहेगा। साथ ही मेट्रो की तरह अधिक जगह भी नहीं घेरेगी। यह है कि इसमें एक बार में 6 से 8 लोग तक सवारी कर सकेंगे। इससे लोगों को समय और पैसे की बचत होगी।
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खंभों पर तारों के सहारे चल सकती है पॉड टैक्सी
पॉड टैक्सी सड़कों के किनारे खंभों पर तारों के सहारे ले जाई जा सकती है। इसमें छह से आठ लोग एक बार में आ सकते हैं। यह योजना पूरी हुई तो संभव है कि मेट्रो से भी कम किराये में लोगों को यह सुविधा मिले। पॉड टैक्सी छोटी यात्राओं के लिए बनाई जाएगी। एक बार में 10 किलोमीटर से अधिक यात्रा नहीं कर सकेंगे।
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सड़कों पर वाहनों का कम होगा दबाव
पॉड टैक्सी मेट्रो फीडर का काम करेंगी। ऐसे में सड़कों से ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों का दबाव कम होगा। साथ ही टैक्सी चालकों की मनमानी से भी राहत मिल सकेगी।
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नोएडा से फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम तक आरआरटीएस प्रणाली के जरिये पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें मेट्रो से शहर के उन हिस्सों को जोड़ा जाना है, जहां बेहद भीड़भाड़ वाला क्षेत्र हो या फिर यातायात न पहुंच रहा हो। ऐसे क्षेत्रों में मेट्रो के बजाए पॉड टैक्सी चलाने की योजना पर एक बैठक कर विचार किया जा गया है। इसमें एनआईटी क्षेत्र और नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद को पॉड टैक्सी से जोड़ा जा सकता है। यह ट्रांसपोर्ट मेट्रो की तुलना में काफी कम खर्चीला भी होगा। -सुधीर कुमार, सीटीपी एफएमडीए