विधायकों को सौंपा ज्ञापन, मुद्दे को विधानसभा में उठाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की तैयारी के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से रविवार को जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों ने विधायकों से इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की मांग की।
ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी ने कहा कि बिजली व्यवस्था प्रदेश की जनता से सीधा जुड़ा विषय है। इसे केवल मुनाफे के नजरिये से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) की एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और कर्मचारियों, उपभोक्ताओं समेत सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की। उन्होंने कहा कि निजी कंपनी यदि अधिक मुनाफे वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को अपने साथ लेती है तो सरकारी बिजली निगमों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। इसका खामियाजा किसानों, ग्रामीण और घरेलू उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ सकता है।
आज कार्य बहिष्कार करेंगे बिजली कर्मचारी
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 31 अगस्त को प्रदेश के सभी बिजली सब-डिवीजनों पर गेट मीटिंग कर विरोध जताने का निर्णय लिया है। इस दौरान एचईआरसी को सौंपी गई एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके साथ ही नगर पालिका और फायर विभाग के कर्मचारियों की 25 दिनों से चल रही हड़ताल के समर्थन में बिजली कर्मचारी दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे।
1 सितंबर को विपुल गोयल के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन
करतार सिंह जागलान ने बताया कि 1 सितंबर को नगर पालिका एवं फायर विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में बिजली कर्मचारी निकाय मंत्री विपुल गोयल के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। मनोज जाखड़ ने कर्मचारियों और संयुक्त संघर्ष मोर्चा से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। इस अवसर पर शब्बीर अहमद गनी, करतार सिंह जागलान, मनोज जाखड़, रामकेश सहारण, गिरीश कुमार राजपूत, जसराम अत्री, दिगंबर लांबा, मामचंद, धर्मेंद्र और सुरेंद्र सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।