अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। यमुना नदी के साथ हर साल बदलती धारा के कारण हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच होने वाले जमीन विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों राज्यों की सीमा पर मजबूत सीमेंटेड पिलर लगाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है जिससे मानसून के दौरान भी सीमा स्पष्ट बनी रहेगी।
फरीदाबाद क्षेत्र में करीब 25 किलोमीटर की लंबाई में बहने वाली यमुना के किनारों पर 50 से अधिक गांव बसे हैं। हर साल बरसात में खेतों की स्थिति बदलने से फसल और कब्जे को लेकर खूनी संघर्ष और तनाव की स्थिति पैदा होती थी। अब लगाए जा रहे पिलर जमीन की गहराई तक ठोस आधार के साथ बनाए गए हैं, ताकि पानी का तेज बहाव इन्हें नुकसान न पहुंचा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, अधिकांश पिलर स्थापित हो चुके हैं और शेष कार्य जलस्तर कम होते ही पूरा कर लिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट दोनों राज्यों की सहमति और विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर लागू किया गया है। स्थानीय किसानों का मानना है कि इस स्थायी समाधान से क्षेत्र में शांति आएगी और वे बेखौफ होकर खेती कर सकेंगे।