बल्लभगढ़। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की चेन तोड़ने और जिन लोगों के घरों में जगह कम है या फिर किसी अन्य कारण से घर में आइसोलेट होने में असमर्थ हैं तो उनके लिए अब पंचायत विभाग आइसोलेशन सेंटर बनाने में जुटा है। पंचायत विभाग ने इसकी तमाम तैयारी पूरी कर ली हैं। जिले की 100 ग्राम पंचायतों में से 50 में आइसोलेशन सेंटर बनाएं जाने हैं, लेकिन फिलहाल 45 ग्राम पंचायतों में यह कार्य लगभग पूरा कर लिया है, जिसकी सूची जिला उपायुक्त को भेज दी गई है।
पंचायत विभाग के अनुसार, फरीदाबाद पंचायत एवं विकास खंड व तिगांव पंचायत एवं विकास खंड में 15-15 आइसोलेशन सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है जबकि बल्लभगढ़ मेें आइसोलेशन केंद्रों की संख्या 20 रखी गई हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या को देखने हुए आइसोलेशन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। यह कदम प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमित मरीजों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर उठाया है। जैसे ही पंचायत द्वारा यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा तो आइसोलेशन सेंटरों को स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा। इन केंद्रों पर पर्यवेक्षण के लिए ग्राम सचिव की सेवाएं ली जाएंगी।
ये सुविधाएं उपलब्ध मिलेंगी :
बल्लभगढ़ पंचायत अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में बनाए आइसोलेशन सेंटरों पर शुरुआत में पांच बेड, ऑक्सीजन लेवल नापने के लिए ऑक्सीमीटर, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग मशीन, साबुन व मरीजों के लिए खाना खाने की व्यवस्था होगी। फिलहाल आइसोलेशन सेंटर ग्राम पंचायत स्थित स्कूलों, पंचायत घर, खाली पड़े वृद्धाश्रमों में बनाएं जाएंगे। इन सेंटरों पर जरूरत के हिसाब से सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी, जिनकी देखरेख संबंधित ग्राम पंचायत सचिव करेंगे, जबकि कार्य स्वास्थ्य विभाग करेगा।
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जिले के तीन पंचायत खंडों में करीब 50 आइसोलेशन सेंटर बनाएं जाने हैं। जिन पर पंचायत विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। इसकी सूची जिला उपायुक्त को भेजी गई है।
- प्रदीप कुमार, पंचायत विकास एवं खंड अधिकारी,फरीदाबाद