जिला नागरिक अस्पताल का मामला, अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद किया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला अस्पताल में फाइल न बनी होने के कारण दर्द से कराह रही गर्भवती को लेबर रूम में लेने से मना कर दिया गया। दर्द से कराह रही युवती लेबर रूम के सामने जमीन पर बैठी रही। आखिरकार लाचार पिता ने बेटी को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए अधिकारियों के समक्ष हाथ जोड़कर गुहार लगाई। इसके बाद कहीं जाकर अधिकारियों का दिल पसीजा और गर्भवती को वार्ड में भर्ती करवाया गया।
जिला नागरिक अस्पताल आए दिन मरीजों के उपचार में ढिलाई बरतने के मामले में सुर्खियों में बना रहता है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को देखने को मिला। सराय ख्वाजा निवासी रमेश ने बताया कि उसकी बेटी प्रियंका गर्भवती है। वह अपने पति रोहित के साथ रूटीन चेकअप के लिए पिछले तीन दिनों से लगातार आ रही है। सोमवार को जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वह अपनी बेटी प्रियंका को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां वह कमरा नंबर नौ में लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। अचानक दर्द अधिक होने के कारण वह उसे लेकर अस्पताल के प्रथम तल पर बने लेबर वार्ड में पहुंचे। जहां से उन्हें फाइल न बने होने के कारण वापस लौटा दिया गया।
कुछ लोगों ने उन्हें तृतीय तल पर बैठे उच्च अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा। दर्द से कराहती बेटी को देख रमेश उच्चाधिकारियों से गुहार लगाने पहुंचे। दिल के मरीज रमेश तृतीय तल पर बैठे स्वास्थ्य अधिकारियों से मिले और उनसे बेटी को दाखिल करने की गुहार लगाई। जिसके बाद उनकी बेटी को वार्ड में भर्ती किया गया। इस संबंध में रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) विजय से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में फिलहाल उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कुछ समय पहले ही इस पद को संभाला है।