30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन माह, अब तक शुरू नहीं हुआ सड़क की मरम्मत का काम
सफाई और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी अधूरी, प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल
हेमलता
फरीदाबाद। सावन का महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। जिले के शिवालयों में साफ-सफाई और तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, वहीं हजारों श्रद्धालु हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने की तैयारी में जुटे हैं। इस बार कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को आगरा नहर किनारे बने कांवड़ मार्ग की बदहाल स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे, गंदगी, टूटी बाउंड्री वॉल और रात के समय अंधेरे की समस्या श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
हर वर्ष सावन के दौरान कालिंदी कुंज से लेकर आगरा नहर रोड से पलवल और गांव सोतई के पास बने दिल्ली-मुंबई-एक्सप्रेसवे के रास्ते कैली, जाजरू अंडरपास और कैली फ्लाईओवर तक के मार्ग को कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित किया जाता है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से यात्रा कर सकें। इस बार 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है लेकिन अब तक इस मार्ग की मरम्मत और सफाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
आगरा नहर के किनारे बनी सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं, जिनमें हाल की बारिश का पानी भरा हुआ है। पानी भर जाने के कारण गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे नंगे पांव चलने वाले कांवड़ियों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा सड़क किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिनसे उठने वाली दुर्गंध यात्रियों की परेशानी बढ़ा सकती है।
रात को मार्ग पर रहता है अंधेरा
दिन के समय गर्मी होने के चलते भक्त रात के समय ज्यादा चलना पसंद करते है। आगरा नहर के किनारे रात के समय यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, जिससे अंधेरे में यात्रा करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। वहीं आगरा नहर के किनारे बनी बाउंड्री वॉल भी कई जगहों से क्षतिग्रस्त है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन में हजारों कांवड़िये इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरने, सफाई अभियान चलाने, कूड़ा हटाने, स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित, सुचारु और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बन सके।