ग्रेटर फरीदाबाद में पोलिंग बूथ दूर होने के कारण लोगों को हुई काफी परेशानी, दूर बूथ पर कम पहुंचे सोसाइटीवासी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला निर्वाचन आयोग की ओर से ग्रेटर फरीदाबाद की सोसाइटियों में पोलिंग बूथ बनाने का किया गया दावा पूरा नहीं हुआ। ऐसे में लोगों को पुराने बूथों पर मतदान करना पड़ा। भीषण गर्मी और सोसाइटियों से काफी दूर मतदान केंद्र होने के कारण कई लोग मतदान के लिए पहुंचे भी नहीं है। इससे मतदान प्रतिशत में भी गिरावट दर्ज की गई। फरीदाबाद में दोपहर 3 बजे तक मात्र 40 प्रतिशत मतदान हुआ।
ग्रेटर फरीदाबाद (ग्रेफ) में छोटी-बड़ी करीब 50 सोसाइटियां हैं। इनमें करीब दो लाख से अधिक लोग निवास करते हैं। इन सोसाइटी में रहने वाले लोगों को मतदान करने के लिए दूरदराज गांवों में बने केंद्र पर जाना पड़ता है। इस कारण ग्रेटर फरीदाबाद सहित जिले की विभिन्न बहु मंजिला सोसाइटी के लोगों का मतदान प्रतिशत कम रहता है। इसके अलावा गांवों तक कनेक्टिविटी और सड़कों की खराब हालत की वजह से मतदान कम होता है। ऐसे में लोगों की मांग थी कि यदि सोसाइटी में ही लोगों के घर के पास केंद्र बनाए जाएंगे तो लोगों को एक बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। इससे सोसाइटी के आसपास बसी कॉलोनियों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। लोगों की मांग पर जिला निर्वाचन अधिकारी विक्रम सिंह ने दावा किया था कि ग्रेफ की बड़ी सोसाइटियों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनका काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। शनिवार को पड़े वोट के दौरान किसी भी सोसाइटी में पोलिंग बूथ देखने को नहीं मिले। लोगों को गांव के स्कूलों में बने पोलिंग बूथों पर मतदान के लिए जाना पड़ा। इस दौरान उन्हें काफी समस्या का सामना करना पड़ा।
धीमी चली ईवीएम से करना पड़ा इंतजार
ग्रेटर फरीदाबाद के सरकारी और निजी स्कूलों में बनाए पोलिंग बूथों पर व्यवस्था का आलम देखने को मिला। गांव बुढ़ेना के सरकारी स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र पर लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। ईवीएम धीमी चलने के कारण मतदाताओं को काफी इंतजार करना पड़ा। इस बूथ पर ग्रामीण मतदाता के साथ ओमेक्स सोसाइटी के 100 मतदाता शामिल हैं। इस बूथ पर करीब 1100 वोटर हैं। सुबह 9.30 बजे तक यहां कुल 117 वोट पड़े। खेड़ी स्थित डीपीएस स्कूल में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। मुख्य द्वार से बूथ तक लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। स्कूल प्रबंधन की ओर से पोलिंग बूथ के अंदर तो एसी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन, लाइन में लगे लोगों के लिए गर्मी से बचाव के लिए पंखाें की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके साथ ही पेयजल के लिए लोगों को परेशान होता है। शौचालय पर ताला लटका रहा। इससे सबसे अधिक महिला मतदाताओं को समस्या से जूझना पड़ा।
विद्या मंदिर स्कूल बूथ पर देखने को मिली बेहतर व्यवस्था
सेक्टर-15 स्थित विद्या मंदिर स्कूल पोलिंग बूथ पर मतदाताओं के लिए बेहतर व्यवस्था देखने को मिली। यहां पोलिंग बूथ के अंदर एसी की व्यवस्था की गई। बाहर लाइन में लगे लोगों को गर्मी से बचाने के लिए जगह-जगह पंखे लगाए गए। डीहाईड्रेशन से लोगों को बचाने के लिए नींबू पानी की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही एक डॉक्टर की भी तैनाती की गई। इस दौरान 80 लोगों ने अपने ब्लड प्रेशर व अन्य जांच कराई। साथ ही यहां बनाए गए पिंक बूथ पर महिला मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। जिन्हें मतदाताओं ने खूब सराहा।
मैं ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एडोर सोसाइटी में रहती हूं। सोसाइटी से पोलिंग बूथ काफी दूर है। उम्मीद थी कि इस बार सोसाइटी में मतदान केंद्र बनेगा, लेकिन नहीं बना। इससे निराशा हुई। - अर्चना सिंह, ग्रेटर फरीदाबाद
सोसाइटी में करीब 3 हजार वोट हैं। यदि सोसाइटी में मतदान केंद्र बनता तो लोगों को काफी राहत मिलती। भीषण गर्मी में लोग घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। - कार्तिक तिवारी, ओमेक्स सोसाइटी
पूरे परिवार के साथ मतदान के लिए आई हूं। लाइन में लग कर कुछ देर इंतजार जरूर करना पड़ा, लेकिन मतदान कर काफी अच्छा लगा।
- प्रज्ञा वर्मा, ग्रेटर फरीदाबाद
मतदान के लिए सुबह 8 बजे से लाइन में लगा हूं। गर्मी की वजह से थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन मतदान का पर्व पांच वर्ष एक बार आता है। इसलिए थोड़ी परेशानी झेलने में कोई दिक्कत नहीं। - जतिन चंदीला
ग्रामीण मतदाताओं से बातचीत
मतदाताओं की सुविधा के लिए स्कूल में सभी व्यवस्था कराई गई है। पानी और खाने की व्यवस्था भी की गई, जिससे लोगों को परेशानी न हो।
- कप्तान सिंह
लोकतंत्र के महापर्व में मतदान कर काफी अच्छा लगा। गांव के अन्य लोगों को भी मतदान के लिए जागरूक कर रहा हूं।
- टीटू
बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा हूं, जिससे गांव के सभी लोग वोट डाल सकें और मतदान प्रतिशत बढ़ाया जा सके।
बलराज