फर्जी कॉर्डियोलॉजिस्ट के सेक्टर-30 स्थित घर पर दबिश, नहीं मिला आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके अस्पताल के हार्ट सेंटर में सर्जरी कराने वालों के भी पुलिस टीम मामले में बयान दर्ज करेगी। वहीं पुलिस टीमों ने आरोपी डॉ. पंकज मोहन शर्मा की तलाश में उसके सेक्टर-30 स्थित घर पर भी रेड की। लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस उसके खिलाफ सबूत जुटाने की कार्रवाई भी जांच के दौरान कर रही है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीमें लगातार रेड कर रही है।
मामले में एसजीएम नगर थाना में मंगलवार 10 जून की शाम को एफआईआर दर्ज हुई। ये एफआईआर हार्ट सेंटर संचालन कर रही कंपनी के सीएमडी समेत 6 लोगों पर दर्ज की गई है। इनमें कंपनी के सीएमडी डॉ. एन प्रताप कुमार, एचआर हेड दलीप नायर कॉर्पोरेट, सेंटर हेड व फाइनेंस मैनेजर पीयूष श्रीवास्तव, सेंटर हेड हरियाणा अजय शर्मा, बीके अस्पताल के सेंटर हेड मंदीप और नकली डिग्री लिए इलाज करने वाले डॉ. पंकज मोहन शर्मा शामिल हैं। डॉ. पंकज मोहन शर्मा पर आरोप है कि उसने बगैर डिग्री होते हुए हार्ट सेंटर में कॉर्डियोलॉजिस्ट की फर्जी डिग्री दिखाकर नौकरी पाई और 55 मरीजों की सर्जरी कर दी।
55 मरीजों में से अब तक 3 की मौत लापरवाही से होने की बात सामने आई है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ये भी पता लगाएगी कि ऐसे कितने मरीजों की मौत हुई जिनका इलाज इस फर्जी कॉर्डियोलॉजिस्ट ने किया था। इसकी लापरवाही का पता लगाने के लिए ही पुलिस अब ऐसे मरीजों तक पहुंचने के प्रयास कर रही जिनका इलाज डॉ. पंकज मोहन शर्मा ने किया था। इसके लिए हार्ट सेंटर से मिले रिकॉर्ड को भी टीम खंगाल रही है। वहीं जांच में पता चला है कि डॉ. पंकज मोहन शर्मा ने एमबीबीएस राजस्थान के जयपुर से की हुई है। जांच में एमबीबीएस की डिग्री असली पाई गई है। लेकिन दिल्ली से दिखाई गई कॉर्डियोलॉजिस्ट की डिग्री जांच में फर्जी मिली है।