सिन आंदोलन को लेकर सूरक्षा के लिए फरीदाबाद बदरपुर बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मी।
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फरीदाबाद। केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का राष्ट्रव्यापी अभियान ‘चलो दिल्ली’ भले ही दो दिन का था, लेकिन दिल्ली में किसानों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन की मंजूरी मिलने के बाद किसानों का दिल्ली की तरफ रुख करना जारी है। ऐसे में जिला पुलिस बॉर्डर एरिया में किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती। इसके लिए दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों के बॉर्डर पर पुलिस की तैनाती अभी भी है। हालांकि, पुलिस सभी वाहनों को चेक नहीं कर रही और न ही नाके पर ज्यादा लोगों को रोक रही है।
संदिग्ध लोगों पर नजर बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी व राइडर बॉर्डर के आसपास के रूट पर गश्त कर रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस बॉर्डर पर पूरी तरह से मुस्तैद है। शनिवार को बदरपुर बॉर्डर से पहले सराय बाजार के सामने थाना सराय पुलिस ने नाका लगा रखा था। यहां एक पीसीआर और करीब आठ पुलिसकर्मी तैनात थे। फरीदाबाद से दिल्ली की तरफ जा रहे वाहनों पर नजर गड़ाए ये पुलिस कर्मी संदिग्ध वाहनों की तलाशी ले रहे थे। पुलिस जांच के दौरान यह सुनिश्चित कर रही थी कि किसी वाहन में कोई हथियार या किसानों के आंदोलन से जुड़े झंडे आदि तो नही हैं।
ट्रैक्टर या कैंटर में लोगों के आने जाने वालों पर पूरी नजर रखी जा रही थी। टोल प्लाजा के पास दिल्ली पुलिस ने तीन लेयर के नाके लगा रखे थे। यहां हथियारबंद पुलिसकर्मी व बीएसएफ के जवान तैनात थे। वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड के अलावा भारी पत्थरों का इंतजाम किया गया है। इसके पास ही क्रेन तैनात की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर पत्थरों को सड़क के बीच में डाला जा सके। दंगारोधी वाहन और वाटर कैनन भी बॉर्डर पर लगाया गया है। पुलिस ने यहां टेंट लगाकर कई दिनों तक रुकने का इंतजाम किया है। दिल्ली पुलिस वाहनों की जांच नहीं कर रही केवल बड़े व संदिग्ध वाहनों पर नजर बनाए हुए है। जाम से लोगों को परेशानी नहीं आए इसलिए वाहनों की जांच टोल से काफी पहले फरीदाबाद पुलिस कर रही है।