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Faridabad News: पुलिस ने साइबर अपराध के 22 मुकदमों में 35 आरोपी किए गिरफ्तार

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4 से 10 जनवरी के बीच की गई कार्रवाई, 9 लाख 41 हजार रुपये बरामद किए
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर पुलिस ने एक सप्ताह में साइबर अपराध के 22 मुकदमों में 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 9 लाख 41 हजार रुपये बरामद किए है, वहीं 1412 शिकायतों का निस्तारण किया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 4 से 10 जनवरी के बीच फरीदाबाद के तीनों साइबर थानों की पुलिस टीमों ने 22 मुकदमों को सुलझाते हुए 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें साइबर थाना एनआईटी के 5, साइबर थाना सेंट्रल के 10 और साइबर थाना बल्लभगढ़ के 7 मामले शामिल हैं।
मामलों में कार्रवाई करते हुए 9 लाख 41 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। वहीं 1412 शिकायतों का निस्तारण कर 42 हजार रुपये रिफंड कराए गए हैं।गिरफ्तार आरोपी में अरमान अंसारी, अभिषेक बंसल, मुकेश बंसल, साहिल, अमन, सुरेंद्र सिंह, अनिल, शंकर साहू, दीपक, ललित, दीपक लखरान, विष्णु सागर, दीपक जांगिड़, सोनू, जसराम, राजस्थानी रामजीलाल, राजीव धींगरा, प्रेम, रमेश तुली, अशोक कुमार, अंकुश, यशवंत, अंशुल, राकेश कुमार, दिव्यांशु, मोहित कुमार, रियाज, दीपक वाल, अरशद, प्रिंस, विक्रम, सुखबीर उर्फ छोटू, रवि उर्फ रब्बा व गगन का नाम शामिल है।
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जागरूक न होना बन रहा ठगी का कारण
साइबर फ्रॉड का कारण लोगों द्वारा लालच दिखाना व जागरूक न होना है। साइबर ठग शिकायतकर्ता को कम समय में पैसे कमाने का लालच देते हैं। जिसमें शेयर मार्केट में निवेश करना, लकी ड्रा निकलना, खाते में पैसे जमा होने के बारे में लिंक भेजकर गुमराह करना इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा आजकल डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर साइबर ठगी की जा रही है। जिसमें ठग पुलिस, कस्टम विभाग, आयकर विभाग, सीबीआई इत्यादि सरकारी विभागों के अधिकारी बनकर लोगों को किसी न किसी झूठे मामले में फंसा होने की सूचना देते हैं। मामले के बारे में किसी को बताने पर जेल में बंद करने की बात करते हैं। इस प्रकार साइबर फ्रॉड करके लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
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