चालान तो कटे 3 लाख 20 हजार , लेकिन भुगतान हुआ सिर्फ 40 हजार का भुगतान
हेमलता रावत
फरीदाबाद। पुलिस की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए हर साल लाखों की तादात में चालान काटे जाते हैं। लेकिन लोगों की ओर से उन चालान का भुगतान नहीं किया जाता है। जिससे पुलिस के राजस्व में तो नुकसान हो रहा है। साल 2024 में पुलिस की ओर से 3 लाख 20 हजार 769 चालान किए गए। जिसमें से सिर्फ 40 हजार 889 चालान का ही लोगों ने भुगतान किया। यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से पुलिस विभाग की ओर से दी गई।
बल्लभगढ़ निवासी मोहित सिंह की ओर से आरटीआई के माध्यम से पुलिस विभाग से जानकारी मांगी गई थी कि पिछले 5 सालों में कितने चालान किए गए और कितनों का भुगतान हुआ। आरटीआई में मिले जवाब के अनुसार साल 2024 में पुलिस विभाग की ओर से 3 लाख 20 हजार 769 चालान किए गए। जिसमें से सिर्फ 40 हजार 889 चालान का ही भुगतान किया। इन चालान कुल राशि 52 करोड़ 12 लाख 82 हजार 700 रुपये थी। जिसमें से पुलिस को सिर्फ 4 करोड़ 65 लाख 75 हजार 500 रुपये प्राप्त हुए हैं। जब कि अभी तक 47 करोड़ 47 लाख 6 हजार 200 रुपये बकाया है।
5 सालों में कल 39 करोड़ 51 लाख रुपये किए बरामद
आरटीआई से मिले जवाब के अनुसार साल 2020 में चालान के माध्यम से पुलिस ने 5 करोड़ 94 लाख 43 हजार 800 रुपये बरामद किए हैं। वहीं साल 2021 में 7 करोड़ 73 लाख 93 हजार 800 रुपये का भुगतान किया है। इसके अलावा साल 2022 में यह संख्या बढ़कर 9 करोड़ 5 लाख 71 हजार 100 रुपये हो गई। साल 2023 में सबसे ज्यादा राशि पुलिस की ओर से बरामद की गई। आंकड़ों के अनुसार यह राशि बढ़ाकर 12 करोड़ 51 लाख 21 हजार 898 रुपये। वहीं सबसे कम राशि साल 2024 में पुलिस की ओर से बरामद की गई। जो की 4 करोड़ 65 लाख 76 हजार 500 है। इन पांच सालों में पुलिस की ओर से कुल राशि 39 करोड़ 91 हजार 7 हजार 48 रुपये चालान के लिए बरामद किए है।
सबसे ज्यादा चालान चार पहिया वाले वाहनों के किए गए
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार साल 2024 में 59 हजार 726 दोपहिया वाहनों के चालान किए गए। जिसमें से 29 हजार 685 लोगों ने ही चालान का भुगतान किया। वहीं 10 हजार 522 तीन पहिए वाले वाहनों के चालान किए गए हैं। जिसमें से 4 हजार 57 लोगों ने ही चालान का भुगतान किया है। वहीं सबसे ज्यादा चालान साल 2024 में चार पहिए वाले वाहनों के किए गए। आंकड़ों के अनुसार 63 हजार 314 चालान किए गए। जिसमें से 28 हजार 328 चालान का ही भुगतान किया गया।