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पीएम स्वनिधि : 17 सरकारी व निजी बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी

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-बैंक रेहड़ी-पटरी वालों को लोन देने में कर रहे देरी
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अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। पीएम स्वनिधि को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्री के साथ हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रधान सचिव के निर्देश पर निगम आयुक्त ने 17 सरकारी व निजी बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
26 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ पीएम स्वनिधि पर ऑनलाइन समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद अब प्रदेश सरकार इसे लेकर गंभीर हो गई है। सोमवार को प्रधान सचिव विकास गुप्ता ने प्रदेश के सभी निगम आयुक्त और डीएमसी के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की थी। इसमें उन्होंने लोन कम जारी करने पर नाराजगी जताई। प्रधान सचिव ने इस काम में देरी कर रहे बैंकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा और फरीदाबाद में पीए स्वनिधि के पात्रों को जल्द पैसे दिलवाने को कहा। प्रदेश में सबसे कम लोन फरीदाबाद जिले में जारी हुआ है। दूसरी ओर इस मामले में निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने इसके लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
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आयुक्त के आदेश पर 100 केस निपटाए

बीते सप्ताह सरकारी और निजी बैंकों के प्रतिनिधियों, एलडीएम और शहरी परियोजना अधिकारी के साथ आयुक्त जितेंद्र कुमार ने बैठक की थी। आयुक्त ने कहा था कि 1142 पात्रों को बैंकों द्वारा लेन स्वीकृत हो चुका है, लेकिन पैसे जारी नहीं हुए हैं। इसे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाए। इसमें बैंकों ने मात्र 100 लोन जारी किया। 964 को अभी लोन नहीं मिला है। शहरी परियोजना अधिकारी द्वारिका प्रसाद ने बताया कि निगम आयुक्त गंभीर हैं। बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों समेत अन्य को नोटिस जारी किया गया है। जिन बैंकों से सही कारण नहीं मिलेंगे, उन पर कार्रवाई के लिए आगे पत्र लिखा जाएगा। इस बारे में एलडीएम को भी कहा गया कि बैंकों से तालमेल बनाकर जल्द पैसे जारी करवाएं।
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10810 लोगों ने किया आवेदन
पीएम स्वनिधि योजना के तहत 13832 लोगों ने आवेदन किया है। इसमें से 10810 आवेदन सही मिले हैं। इसमें से सिर्फ 3100 को ही बैकों से लोन उपलब्ध कराया गया। करीब 964 लोगों के लोन पास हैं पर जारी नहीं हुए हैं। 6683 आवेदनों को बैंकों ने रद्द कर दिया है। रद्द आवेदनों की जांच कराई जाएगी। शहर में 12 जगहों पर वेंडिंग जोन बने हैं। अभी करीब 50 और ऐसे स्थान बनाए जाने हैं। पीएम स्वनिधि योजना की शुरूआत कोरोना महामारी के दौरान जुलाई 2020 में हुई थी। इसके तहत पात्रों काे बैंकों से लोन उपलब्ध कराना भी शामिल है, लेकिन इस योजना का लाभ पात्रों को देने में पसीने छूट रहे हैं। रेहड़ी पटरी वाले पैसे और जगह के लिए धक्के खा रहे हैं।
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