फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित मेट्रो अस्पताल की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कई डॉक्टर शामिल रहे। डॉक्टरों ने कहा कि होली के त्योहार में रंग और गुलाल का विशेष महत्व है। ऐसे में होली के दौरान केमिकल रंगों से बचने की खास जरूरत है। लोगों को केवल जैविक (ऑर्गेनिक) रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पताल के सर्जन डॉ. प्रबल रॉय ने चेताया कि जिले में कोरोना का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में जरा सी लापरवाही आपके व परिवार पर भारी पड़ सकती है। इस बार होली पर एक-दूसरे से उचित दूरी बनाए रखने में ही सबकी भलाई है।
उन्होंने कहा कि केमिकल रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते है और इससे खुजली, चकत्ते, सूजन आदि की शिकायत हो सकती है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने से बचें। किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि लोगों को रंगों से खेलने से पहले अपने शरीर और चेहरे पर तेल लगा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रंगों में कांच भी मिलाया जाता है जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा कुछ लोग होली पर भांग का सेवन करते है। यह हृदय के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. युवराज कुमार ने बताया कि एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाना गले लगकर शुभकामनाएं देना होली का रिवाज है, लेकिन त्योहार की इस खुमारी के बीच हमें सावधान रहने की भी जरूरत है। कोरोना से बचाव के लिए बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने से बचें और सिर्फ परिवार के साथ रंग खेलें। बाहरी लोगों के गले लगने से परहेज करें।