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Faridabad News: बड़खल-सूरजकुंड रोड के पास नाले पर चेक डैम बनाने की योजना

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-बारिश के तेज बहाव को नियंत्रित करने के साथ भूजल स्तर सुधारने में मिलेगा मदद
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने शहर की पुरानी और कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मास्टर ड्रेनेज स्कीम पर काम तेज कर दिया है। इसके तहत बड़खल-सूरजकुंड रोड के पास नाले पर चेक डैम बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इससे मानसून के दौरान अचानक आने वाले पानी का दबाव कम होगा, जिससे जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही इस पानी से भूजल स्तर रिचार्ज होगा। खास बात यह है कि पूरे क्षेत्र का सर्वे लिडार यूएवी ड्रोन तकनीक से कराया जाएगा, जिससे जमीन की सटीक स्थिति का डिजिटल खाका तैयार हो सकेगा।

परियोजना के तहत लगभग 3 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का टोपोग्राफिकल सर्वे होगा जो भविष्य की ड्रेनेज योजना की नींव तय करेगा। अधिकारियों का मानना है कि यह योजना शहर में हर साल मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। बुढ़िया नाला अरावली की पहाड़ियों से निकलकर बड़खल, सूरजकुंड और आसपास के शहरी इलाकों से होकर गुजरता है। बरसात के दौरान तेज बहाव के कारण यह नाला कई जगह ओवरफ्लो हो जाता है। इससे बड़खल-सूरजकुंड रोड व आसपास की कॉलोनियों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
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ड्रोन से बनेगा सटीक नक्शा

एफएमडीए ने इस बार पारंपरिक सर्वे के बजाय लिडार यूएवी ड्रोन तकनीक से सर्वे करने का फैसला किया है। इससे जमीन की ऊंचाई, ढलान, जल प्रवाह की दिशा और आसपास की संरचनाओं का बेहद सटीक डेटा मिलेगा। सर्वे के साथ-साथ जियोटेक्निकल जांच भी कराई जाएगी जिसमें 10 मीटर गहराई तक मिट्टी की मजबूती और संरचना का परीक्षण होगा। इसके अलावा हाइड्रोलॉजी स्टडी के जरिये यह आकलन किया जाएगा कि बारिश के दौरान पानी का प्रवाह कितना होता है और उसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अरावली क्षेत्र में इस तरह के संरचनात्मक उपाय लंबे समय में पर्यावरण संरक्षण और जल संतुलन के लिए बेहद प्रभावी साबित होंगे।


आईआईटी या उसके जैसे संस्थानों से होगा सत्यापन

एफएमडीए ने परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े तकनीकी मानक तय किए हैं। ड्रोन सर्वे और जांच के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट और चेक डैम के डिजाइन का सत्यापन आईआईटी, जेएमआई या एनआईटी कुरुक्षेत्र जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कराया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि परियोजना केवल कागजों तक सीमित न रहकर व्यावहारिक और टिकाऊ बनेगी।
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शहर के लिए अहम है योजना
फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से शहरी विस्तार हुआ है लेकिन उसी गति से ड्रेनेज सिस्टम मजबूत नहीं हो पाया है। नालों पर अतिक्रमण, प्राकृतिक जलमार्गों का संकुचन और अनियोजित निर्माण ने समस्या को और बढ़ाया है। ऐसे में मास्टर ड्रेनेज स्कीम को शहर के लिए एक दीर्घकालिक समाधान के तौर पर देखा जा रहा है। यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती है तो जलभराव की समस्या में कमी आने के साथ शहर के जल संसाधनों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

जल्द इस परियोजना का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे फरीदाबाद को कई लाभ मिलेंगे। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर, एफएमडीए
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