सेमिनार में विशेषज्ञों ने लोगों को किया सतर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में आयोजित एक जागरूकता सेमिनार में विशेषज्ञों ने लगातार सिरदर्द को नजरअंदाज करने के खतरों को लेकर लोगों को सतर्क किया। नीलम बाटा रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में निजी अस्पताल की न्यूरोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. सुषमा शर्मा ने कहा कि बढ़ता ऑफिस तनाव लोगों को धीरे-धीरे मानसिक रोगों की ओर धकेल रहा है।
उन्होंने बताया कि लगातार सिरदर्द, थकान और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण सामान्य नहीं हैं और इन्हें अनदेखा करना आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। आजकल लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करना, पर्याप्त नींद न लेना और लगातार मानसिक दबाव में रहना सीधे तौर पर दिमाग और शरीर को प्रभावित कर रहा है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि कई लोग बार-बार होने वाले सिरदर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह माइग्रेन या तनावजनित सिरदर्द का संकेत हो सकता है। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं किया जाए तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार सिरदर्द, नींद न आना, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी या मानसिक थकान महसूस हो रही है तो उसे तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
सेमिनार के दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया गया। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक, योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि शरीर के संकेतों को समझना और समय रहते उचित कदम उठाना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।