फरीदाबाद। शुक्रवार को चांद दिखने के बाद शनिवार से रमजान का महीना शुरू हो गया। लॉकडाउन का पालन करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने घरों में ही नमाज पढ़ी। लॉकडाउन में सभी मस्जिदें बंद हैं। कुछ लोग मस्जिदों में नमाज के लिए पहुंचे, मगर वहां तैनात पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। इस दौरान सुबह 4:24 पर रोजा सहरी खत्म हुई, जबकि शाम को 6:54 बजे इफ्तार के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रोजा खोला।
कोरोना के कारण पूरे देश में लागू लॉकडाउन में नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में इकट्ठा होने पर रोक है और मौलाना भी लोगों को इस बाबत लगातार आगाह कर रहे हैं। ऊंचा गांव स्थित जामा मस्जिद के मौलाना जमालुद्दीन इमाम ने लोगों से सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रमजानुल मुबारिक के महीने में कोरोना जैसे खतरनाक संक्रमण से बचाव के लिए नमाज और तराबीह को अपने घरों में सोशल डिस्टेंस रखते हुए अदा करें। मौलाना ने बताया कि लोग जो कामों और इधर उधर के कामों के लगे रहते थे। उन्हें रोजा रखने का मौका मिला। लोग रो-रो कर रब से दुआ कर रहे हैं कि कोरोना बीमारी को जल्द से जल्द दूर करें।