जनौली-बागपुर, अलावलपुर-सोफ्ता और छांयसा-नंगला जोगियान संपर्क सड़कों का होगा सुदृढ़ीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पृथला विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंबे समय से जर्जर पड़ीं जनौली-बागपुर, अलावलपुर-सोफ्ता और छांयसा-नंगला जोगियान संपर्क सड़कों के सुधार और सुदृढ़ीकरण का कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। इन मार्गों के निर्माण और मरम्मत से क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों का मानना है कि सड़कें बेहतर होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।
वर्तमान में इन सड़कों की स्थिति काफी जर्जर है। कई जगह सड़कें उखड़ चुकी हैं और बरसात के दौरान जलभराव तथा गड्ढों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण सफर में अधिक समय लगता है और वाहनों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी गांवों तक पहुंचने में दिक्कत होती है।
जनौली-बागपुर मार्ग के सुधरने से जनौली, बागपुर, मोहना, फत्तूपुरा और आसपास के कई गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं अलावलपुर-सोफ्ता मार्ग अलावलपुर, सोफ्ता, दयालपुर, जटौला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी प्रकार छांयसा-नंगला जोगियान सड़क छांयसा, नंगला जोगियान, मच्छगर, अटाली और पृथला क्षेत्र के अन्य गांवों को जोड़ती है। इन मार्गों का उपयोग प्रतिदिन हजारों लोग पृथला, बल्लभगढ़, पलवल और फरीदाबाद शहर तक पहुंचने के लिए करते हैं।
इन सड़कों के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। पृथला क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र माना जाता है, जहां गेहूं, धान, सरसों और सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। किसान अपनी फसलों को मोहना, पृथला, बल्लभगढ़ और पलवल की मंडियों तक पहुंचाने के लिए इन्हीं संपर्क मार्गों का उपयोग करते हैं। खराब सड़कों के कारण उन्हें परिवहन में अधिक समय और खर्च उठाना पड़ता है। सड़कें बेहतर होने से फसलों को समय पर बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
परियोजना के तहत निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संबंधित एजेंसी को प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य केवल अस्थायी मरम्मत करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ सड़क नेटवर्क तैयार करना है।
पृथला क्षेत्र दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, केएमपी एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के निकट स्थित है। ऐसे में ग्रामीण संपर्क मार्गों का मजबूत होना क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से गांवों और शहरों के बीच दूरी कम होगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यकारी अभियंता मार्केट कमेटी अतुल यादव ने बताया कि जनौली-बागपुर, अलावलपुर-सोफ्ता और छांयसा-नंगला जोगियान मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलेगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।