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Faridabad News: यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण हटाया गया पेंटूल पुल

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कई गांवों के हजारों लोगों को खेतों पर पहुंचने के लिए लगाना पड़ेगा 5 किमी का चक्कर
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। छांयसा क्षेत्र में यमुना नदी पर स्थित पेंटूल पुल को प्रशासन की ओर से हटा दिया गया है। इसका कारण यमुना का बढ़ता जलस्तर बताया गया है, जो लगातार हो रही बारिश के चलते खतरे के निशान तक पहुंच गया है। प्रशासन के इस कदम से आस-पास के गांवों खासकर छायंसा, शाहपुरा खादर और जमुना पार इलाकों के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हर साल बरसात का मौसम शुरू होने से पहले गांव छांयसा और अरुआ में लगे पेंटूल पुल को हटा दिया जाता है। इस पुल के हटने से सबसे ज्यादा परेशानी गांव शाहजहांपुर, साहुपुरा, चांदपुर, अरुआ, फज्जुपुर, इमामुद्दीनपुर, नया गांव, मोठूका, लतीफपुर, दूल्हेपुर के हजारों ग्रामीणों को होता है। क्योंकि यमुना नदी के उस पार भी एक हजार से अधिक एकड़ जमीन पर किसान खेती बाड़ी करते हैं। किसानों को बुवाई और बिजाई के लिए परेशानी ना हो उसके लिए पेंटूल पुल बनाया जाता है, जो कि हर साल बरसात के मौसम से पहले हटा दिया जाता है।
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स्थानीय ग्रामीणों और किसानों के लिए यमुना पार अपने खेतों तक पहुंचने का यही एकमात्र सीधा रास्ता था। अब इसके हटने के बाद उन्हें मोहना होकर करीब 5 किलोमीटर का चक्कर लगाकर खेतों तक पहुंचना पड़ता है, जिससे समय, मेहनत और पैसे तीनों की बर्बादी होती है।


स्थायी पुल की मांग वर्षों से लंबित

छांयसा निवासी संकेत भाटी ने बताया कि पेंटूल पुल हटते ही पांच किलोमीटर घूमकर अपने खेतों में जाना पड़ता है। कई बार प्रशासन से यहां पक्के पुल की मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं शाहपुरा खादर के सरपंच ताराचंद ने कहा कि हर बार बारिश में पुल हटा दिया जाता है और जिसके चलते उनको भारी नुकसान होता है। खेत यमुना के उस पार हैं और वहां तक जाने के लिए अब मोहना का पक्का पुल ही विकल्प बचता है। धान में पानी लगाने के लिए किसानों को देर रात भी जाना पड़ता है।
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अक्टूबर में जलस्तर घटने के बाद दोबारा लगेगा पेंटूल पुल
लोक निर्माण विभाग के प्रकाश लाल ने बताया कि यमुना का जलस्तर अक्टूबर में घटेगा, तब पुल को दोबारा लगाया जाएगा। इससे किसानों और ग्रामीणों की आवाजाही फिर से आसान हो सकेगी।
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