फरीदाबाद। कोरोना महामारी में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने बीमित व्यक्तियों के परिवार को बड़ी राहत दी है। ईएसआईसी की ओर से कोरोना में जान गंवाने वाले बीमित और आश्रित परिवार के सदस्यों की मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही संक्रमित होने पर कंपनी से क्वारंटीन रहने पर उनके वेतन का पूरा पैसा दिया जाएगा।
जिले में करीब साढ़े पांच लाख ईएसआईसी कार्ड धारक हैं। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में अनेक कार्ड धारकों ने अपने परिजनों को खोया है। इसके अलावा कई बीमित व्यक्ति कोरोना की जंग हार गए। ऐसे लोगों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने ईएसआईसी कोविड-19 राहत योजना की शुरुआत की है। योजना के तहत श्रमिकों के लिए अतिरिक्त और अति विशेष लाभ दिए जाएंगे। जो व्यक्ति ईएसआईसी के ऑनलाइन पोर्टल में पंजीकृत हैं और कोरोना के कारण मृत्यु हो गई है, उन्हें परिवार को मासिक पेंशन के समान हितलाभ और उसी वेतनमान में प्राप्त करने का हकदार होगा जैसा कि उन बीमाकृत व्यक्तियों के आश्रितों द्वारा प्राप्त किया जाता है, जिनकी मृत्यु नौकरी पर काम के दौरान होती है। बीमाकृत व्यक्ति, जो पात्रता शर्तों को पूरा करेंगे वह और उनके आश्रित, औसत दैनिक मजदूरी के 90 फीसदी की दर से मासिक भुगतान जीवनभर ले सकेंगे।
योजना से नियम
1. मृतक बीमाकृत व्यक्ति को ईएसआईसी ऑनलाइन पोर्टल पर कोविड -19 का निदान होने से तीन महीने पहले पंजीकृत होना जरूरी है।
2. मृतक बीमाकृत व्यक्ति द्वारा कोविड-19 रोग से निदान होने की तारीख को रोजगार में होना चाहिए और कम से कम 70 दिनों की अवधि के लिए अंशदान का भुगतान किया गया हो।
3. मृतक बीमाकृत व्यक्ति के संबंध में कोविड-19 के निदान (जिसके कारण मृत्यु हुई) से अधिकतम एक वर्ष पूर्व तक की अवधि में भुगतान किया हो।
ईएसआईसी अपने बीमित व्यक्तियों को विभिन्न चिकित्सा और नकद लाभ प्रदान करता है। कोविड महामारी के दौरान ईएसआईसी ने महामारी की शुरुआत से ही श्रमिकों को मदद दी है। इससे पहले, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना को बीमित व्यक्ति को राहत देने के लिए शुरू किया गया था, जो कोविड के कारण बेरोजगार हो गए थे। अब ईएसआईसी कोविड-19 राहत योजना के रूप में एक बड़ी राहत शुरू की गई है, जो कोविड के कारण मरने वाले बीमित व्यक्तियों के आश्रितों को अभिभावक महसूस कराएगी।
- मोहम्मद इरफान, अपर आयुक्त एवं क्षेत्रीय निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, हरियाणा