क्षेत्र के लोगों को जाम और जलभराव की समस्या से मिलेगा छुटकारा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। भूपानी क्षेत्र के हजारों लोगों को जाम, जलभराव व गड्ढों से राहत मिलने वाली है। नगर निगम में हाल ही शामिल हुए भूपानी गांव व भूपानी कॉलोनी में बुनियादी ढांचा सुधारा जाएगा। विकास कार्यों पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। क्षेत्र में विकास के लिए दो विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इलाके के लोग लंबे समय से कच्ची सड़कों और जलभराव की समस्या झेल रहे हैं उन्हें अब राहत मिलेगी।
स्थानीय निवासियों के लिए यह पहली बार है जब नगर निगम ने इन नई कॉलोनियों में इतने बड़े पैमाने पर विकास कार्य स्वीकृत किए हैं। दोनों कॉलोनियों में मोटे इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक बिछाए जाएंगे और टाइप-1 ड्रेनेज का निर्माण किया जाएगा। इससे बरसात के दौरान गलियों में पानी भरने की पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
पहला प्रोजेक्ट भूपानी मोड़ कॉलोनी के लिए 1.90 करोड़ का है जबकि जबकि दूसरा और बड़ा प्रोजेक्ट विलेज भूपानी कॉलोनी के लिए 2.9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
भविष्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है काम
इलाके में इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक लगाने का काम किया जाएगा। इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक उन इलाकों के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं जहां भूमिगत पाइपलाइन बदलने की आवश्यकता भविष्य में पड़ सकती है। 80 एमएम मोटाई इन्हें ज्यादा टिकाऊ बनाती है। वहीं टाइप-1 ड्रेनेज बनाने से गलियों में पानी नहीं भरेगा। इससे जलभराव की समस्या का भी समाधान हो जाएगा।
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में गलियों में काफी पानी भर जाता है। सड़कें पक्की बनने और नालियां तैयार होने से रोजाना होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। लोगों का कहना है कि बस समय से काम पूरा कर लिया जाए तो जमीनी स्तर पर काफी राहत मिलेगी।
3 महीने के अंदर पूरा कर लिया जाएगा कार्य
निगम की तरफ से इस बार समय पर काम पूरा करने के लिए पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को लेकर निगम अधिकारी गंभीर दिख रहे हैं। निगम से मिली जानकारी के अनुसार भूपानी कॉलोनी में कार्य 3 महीने में पूरा कर लिया जाएगा जबकि भूपानी गांव का कार्य सवा महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गुणवत्ता को लेकर की जाएगी स्पेशल निगरानी
लगभग चार करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्ट को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना निगम के लिए प्रमुख चुनौती है। निगम अधिकारियों ने एजेंसी को साफ हिदायत दी है सभी कार्य कानूनों और पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए पूरा किए जाएंगे। एनजीटी या किसी अन्य एजेंसी द्वारा लगाए गए किसी भी जुर्माने का वहन भी काम करने वाली एजेंसी को खुद करना होगा। वहीं सामान व काम की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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निगम की तरफ से ग्रामीण इलाके के विकास के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही लोगों को इन परियोजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। - अजय कार्यकारी अभियंता नगर निगम