अस्पताल में भर्ती मरीज ट्रेनी डॉक्टरों के सहारे, ओपीडी में लगी लंबी लाइनें
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज की अगुआई में सभी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इससे अस्पताल में उपचार कराने आए मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल की आपातकालीन, ओपीडी और अन्य सेवाएं बदहाल रहीं। मरीजों को जूनियर डॉक्टरों के हवाले कर दिया गया। आपातकालीन विभाग में पहुंचे गंभीर मरीजों को बिना उपचार के ही दिल्ली के उच्च अस्पतालों में रेफर कर दिया गया। अस्पताल के पंजीकरण काउंटर, ओपीडी, आपातकालीन वार्ड में मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1500 से 2000 मरीज आते हैं। इनमें से 60 से 70 मरीज आपातकालीन वार्ड में इलाज कराते हैं। वहीं, करीब 120 से 130 मरीज आईपीडी में भर्ती हैं। बृहस्पतिवार को अस्पताल में डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से इलाज के लिए आए मरीज इधर उधर भटकते रहे। आपातकालीन वार्ड में जूनियर और ट्रेनी डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। वार्ड में सुबह से ही कई मरीज गंभीर अवस्था में लाए गए। उनका इलाज किए बिना ही सुविधाओं की कमी बताकर दिल्ली के उच्च अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मरीजों को ले जाने के लिए दो घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। आपातकालीन वार्ड के पंजीकरण काउंटर नंंबर 40 पर मरीजों की भीड़ लगी रही।
अंत: रोगी विभाग में डॉक्टर न होने के कारण कई मरीजों को जरूरी दवाएं भी नहीं दी जा सकीं। वहीं, अस्पताल की ओपीडी के सभी विभागों में जूनियर और ट्रेनी डॉक्टर के साथ छायंसा मेडिकल कॉलेज से बुलाए डॉक्टरों ने मरीजों को देखा। इसमें कई मरीजों का इलाज किया गया और कई मरीज घंटों लाइन में खड़े होकर बिना इलाज के वापस चले गए।
शव गृह में भी शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा। इसके साथ ही अस्पताल के अन्य विभागों में भी जूनियर और ट्रेनी डॉक्टरों को बिठाया गया है।
वर्जन
पिता के लीवर में समस्या होने के कारण उनको बीके अस्पताल लेकर आया था। सुबह 9 बजे से डॉक्टर का इंतजार करता रहा, लेकिन दोपहर तक डॉक्टर नहीं मिले। इसके कुछ देर बाद आपातकालीन वार्ड में दिखाने गया तो वहां ट्रेनी डॉक्टर बैठे थे। पिता की हालत गंभीर होने के कारण उन्होंने आईसीयू न होने के कारण दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
-
भावुक दत्ता, न्यू कॉलोनी पलवल
बेटी के हाथ में सूजन होने के कारण डॉक्टर को दिखाने के लिए सुबह 10 बजे अस्पताल आई थी। ओपीडी में ऑर्थो विभाग में बैठे ट्रेनी डॉक्टर ने बेटी के हाथ को देखकर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। इसके साथ ही डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड अस्पताल के बाहर से कराने के लिए कहा।
-
मीना देवी, तिमारदार नगला चौक, सुंदर कॉलोनी
पैरों में समस्या होने के कारण त्वचा के डॉक्टर को दिखाने बीके अस्पताल आई थी। सुबह 9 बजे से डॉक्टर का इंतजार करती रही। दोपहर बाद ट्रेनी डॉक्टर ने देखकर दवा दी।
-
जुगेंद्री, मरीज पलवल निवासी
-
अस्पताल के सभी विभागों में हमारे डॉक्टर मौजूद हैं। जिस विभाग में डॉक्टर नहीं हैं उन विभागों में छांयसा मेडिकल अस्पताल से बुलाए गए डॉक्टरों को से इलाज कराया जा रहा है। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी। अस्पताल की आपातकालीन, लेबर रूम और पोस्टमार्टम की सेवाएं सुचारू रूप से चल रहीं हैं।
- डॉक्टर विनय त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बीके अस्पताल