संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर के 66 केवी सबस्टेशन पर लगे 12.5/16 एमवीए ट्रांसफॉर्मर टी-1 की निर्धारित मेंटेनेंस के चलते शनिवार को शहर में करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती और ओपीडी में आए मरीजों को झेलनी पड़ी।
भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में बिजली न होने से मरीजों और उनके परिजनों का हाल बेहाल हो गया। बिजली गुल होने के कारण अस्पताल की लिफ्ट भी बंद रही, जिससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा। वहीं, अस्पताल में जरूरी जांच सेवाएं जैसे अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे पूरी तरह ठप हो गई। जांच कराने आए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। कई मरीज गर्मी और उमस के कारण बेचैन नजर आए।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में 320 किलोवाट क्षमता के दो जनरेटर लगे हुए हैं। इनमें से एक नियमित रूप से संचालित किया जाता है, जबकि दूसरा स्टैंडबाय के रूप में रखा जाता है लेकिन अस्पताल पर बढ़ते लोड के चलते एक जनरेटर पर्याप्त बिजली आपूर्ति करने में सक्षम नहीं रहा। इसके कारण महत्वपूर्ण मशीनें जैसे लिफ्ट, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे उपकरण चालू नहीं हो सके। अस्पताल प्रशासन की इस व्यवस्था पर सवाल भी उठने लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जब अस्पताल में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था मौजूद है, तो इस तरह की स्थिति नहीं बननी चाहिए थी। पहले से ही बीमारी से जूझ रहे मरीजों को बिजली न होने के कारण अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में अस्पतालों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी होती है। ऐसे में मेंटेनेंस कार्य के दौरान उचित वैकल्पिक व्यवस्था न होना अस्पताल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
मरीजों से बातचीत
सुबह जांच के लिए आए थे लेकिन बिजली न होने के कारण अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे नहीं हो पाए। गर्मी में घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे हालत और खराब हो गई।
-पुष्पा, पलवल
अस्पताल में लिफ्ट तक बंद रही, जिससे अपने बीमार मरीज को सीढ़ियों से ले जाना पड़ा, जिसके कारण हमें काफी परेशानी उठानी पड़ी।
-सतवीर, चांदहट
वर्जन
मामले मेरे संज्ञान में आ गया है। जल्द ही वैकल्पिक सुविधा की जाएगी। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। -सुरेश बुरोलिया, एसएमओ