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Faridabad News: बच्चा वार्ड की बदहाल व्यवस्था से मरीज और तीमारदार परेशान

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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में फटे गद्दे, टूटे बेड और नियमों की अनदेखी से बढ़ीं मुश्किलें
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हेमलता
बल्लभगढ़। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के बच्चा वार्ड की बदहाल व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। वार्ड में भर्ती किए जा रहे बच्चों को फटे हुए गद्दों वाले बेड दिए जा रहे हैं, जबकि कई बेड भी क्षतिग्रस्त हैं। इससे न केवल छोटे मरीजों बल्कि उनके साथ रहने वाले परिजनों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल में प्रतिदिन करीब 2500 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से औसतन पांच से छह बच्चों को आठवीं मंजिल स्थित बच्चा वार्ड में भर्ती किया जाता है। छोटे बच्चों के साथ उनकी माताएं भी वार्ड में रहती हैं। ऐसे में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन वार्ड की स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। फटे गद्दों और टूटे बेड के कारण बच्चों को असुविधा के साथ संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
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डबुआ कॉलोनी निवासी आशिमा की मां ने बताया कि उनके बेटे को उल्टी-दस्त की शिकायत के कारण भर्ती कराया गया था। वार्ड में मिले बेड का गद्दा फटा हुआ था, जिससे बच्चे को सोने में परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि बेड ऊपर-नीचे भी नहीं होता, इसलिए मरीज केवल लेट सकता है। यदि बैठना हो तो उसे बेड से उतरकर पास रखी टेबल पर बैठना पड़ता है। बच्चों को भोजन कराने के लिए दी गई टेबल भी टूटी हुई थी, जिसके कारण खाना बेड पर रखकर खिलाना पड़ा है। वहीं बल्लभगढ़ निवासी तेजसिंह ने बताया कि उनके पोते और पोती दोनों बच्चा वार्ड में भर्ती थे। दोनों को जो बेड मिले, उनके गद्दे भी फटे हुए थे, जिससे काफी परेशानी हुई।
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इस मामले में अस्पताल विकास समिति के सदस्य आर के शर्मा का कहना है कि उनकी जानकारी में यह मुद्दा आ गया है। वह खुद वार्ड का निरीक्षण कर डीन को पत्र लिखकर अवगत करवाएंगे। ताकि आने वाले छोटे बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सकें।
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