सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भुगतान नहीं होने पर जताया रोष, मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से हस्तक्षेप की मांग
संवाद न्यूज़ एजेंसी।
छांयसा। केजीपी एक्सप्रेसवे के लिए वर्ष 2008 से 2015 के बीच अधिग्रहित की गई किसानों की जमीन के लंबित मुआवजे को लेकर रविवार को मोहना की अनाज मंडी में फरीदाबाद के नौ गांवों के किसानों की पंचायत हुई। पंचायत में किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने पर रोष जताया और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
किसानों ने कहा कि अधिग्रहित भूमि के मुआवजे से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भुगतान का रास्ता साफ हो चुका है। इसके बावजूद वर्षों से किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब सर्वोच्च न्यायालय का आदेश मौजूद है तो उसके अनुरूप मुआवजा देने में देरी क्यों की जा रही है। वहीं एनएचएआई द्वारा किसानों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने की जानकारी से किसानों में चिंता बढ़ गई है ।
पंचायत में किसानों ने मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से तत्काल हस्तक्षेप कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप लंबित मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने कहा कि वे जल्द ही मंत्री से दोबारा मिलेंगे।
पंचायत में बिशन सिंह फजुपुर, दयाचंद मौजपुर, मान सिंह मोहना, बलिय मौजपुर, अनिल, सुरेश, अमर सिंह, जगदीश, विजेंद्र छांयसा, राजेश अटाली, विनोद फजुपुर, मनोज, सुनील कुमार छांयसा, राजेश भाटी छांयसा, नरेश कुमार, सुरेंद्र तंवर, गंगाराम हीरापुर और लक्ष्मण हीरापुर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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किसान लंबे समय से अपने हक के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।-
धर्मेंद्र, जल्हाका
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वर्षों से लंबित मुआवजे के कारण किसानों में नाराजगी बढ़ रही है और सरकार को मामले का जल्द समाधान करना चाहिए।- ईश्वर नंबरदार, मोहना
किसानों को आश्वासन नहीं, बल्कि उनके खातों में मुआवजे की राशि चाहिए। तब सरकार को किसान हितैषी सरकार समझेंगे । - मुकेश कुमार, मोहना
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केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने मामले में हस्तक्षेप कर लंबित फाइलें निकलवाकर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था।- सतबीर मैनेजर, मोहना