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Faridabad News: सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था होगी मजबूत

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ऑक्सीजन व्यवस्था को मिलेगी नई सांस, बीके अस्पताल का प्लांट अब भी बेदम। बंद पड़ा बीके नागरिक अस्
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राज्य सरकार ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने को दी मंजूरी
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नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने अस्पतालों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट और टैंक स्थापित करने के लिए करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये के अनुबंध को मंजूरी दी है। इस निर्णय से जिले के सरकारी अस्पतालों को भविष्य में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, जिले के सबसे बड़े बीके नागरिक अस्पताल में कोरोना महामारी के दौरान स्थापित ऑक्सीजन प्लांट वर्ष 2023 से बंद पड़ा है, जिससे अस्पताल को अब भी बाहर से ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं।

तीन साल से बंद है बीके अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना महामारी के दौरान बीके अस्पताल में 1,000 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था। यह प्लांट वर्ष 2023 से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। प्लांट बंद होने से अस्पताल प्रशासन को मरीजों की जरूरत पूरी करने के लिए टाइप-डी ऑक्सीजन सिलेंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके चलते हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कंपनी के साथ वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) नहीं होने के कारण खराब पुर्जों की मरम्मत नहीं हो सकी।
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डायलिसिस, दवाओं और जांच सुविधाओं को भी मिलेगी मजबूती

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 18 करोड़ रुपये से अधिक के खरीद प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 40 यूनानी दवाओं, मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए इंट्राओकुलर लेंस, थैलेसीमिया मरीजों के लिए दवाएं और 24 प्योर टोन ऑडियोमीटर खरीदे जाएंगे। इसके अलावा पीपीपी मॉडल के तहत 16 उपमंडल नागरिक अस्पतालों में डायलिसिस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे किडनी रोगियों को निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और उन्हें घर के नजदीक इलाज उपलब्ध हो सकेगा।

आत्मनिर्भर हो सकती है ऑक्सीजन व्यवस्था

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बीके अस्पताल के बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को दोबारा चालू कर दिया जाए तो अस्पताल न केवल ऑक्सीजन आपूर्ति के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा, बल्कि हर महीने सिलेंडरों पर होने वाला लाखों रुपये का खर्च भी बचाया जा सकेगा। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
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राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में मिलने वाली नई सुविधाओं से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।-डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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