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Faridabad News: एडल डिवाइन कोर्ट के 250 से अधिक खरीदारों ने किया प्रदर्शन

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15 साल से घर का इंतजार, अब खरीदारों ने उठाई निर्माण शुरू कराने की मांग
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बोले- आश्वासन नहीं, अब जमीन पर काम चाहिए

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-76 स्थित एडल डिवाइन कोर्ट के 250 से अधिक खरीदारों ने रविवार को घर की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। खरीदारों ने लंबे समय से अधूरे पड़े प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू कराने, लो-राइज फ्लैट्स की रजिस्ट्री शुरू करने और हाई-राइज अपार्टमेंट्स के निर्माण को आगे बढ़ाने की मांग उठाई।
खरीदारों का कहना है कि वे करीब 15 वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें घर नहीं मिल पाया है। खरीदारों के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2010 से 2012 के बीच अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर परियोजना में फ्लैट बुक किए थे। कई खरीदारों ने घर खरीदने के लिए बैंक से ऋण भी लिया था। उनका कहना है कि वर्षों बाद भी फ्लैट नहीं मिलने के कारण एक ओर घर का इंतजार जारी है, वहीं दूसरी ओर बैंक की ईएमआई और किराये के मकान का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। खरीदारों के मुताबिक, परियोजना से जुड़ा मामला वर्ष 2018 में एनसीएलटी तक पहुंचा था। इसके बाद से वे कानूनी प्रक्रिया के बीच अपने घर का इंतजार कर रहे हैं। खरीदारों का कहना है कि मई 2026 में एनसीएलटी की ओर से परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में आदेश दिए जाने के बावजूद करीब पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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लो-राइज की रजिस्ट्री और हाई-राइज का निर्माण शुरू करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान खरीदारों ने लो-राइज फ्लैट्स की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री शुरू कराने की मांग की। वहीं हाई-राइज अपार्टमेंट्स के निर्माण को लेकर भी जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। खरीदारों ने कहा कि उनकी रकम वर्षों से परियोजना में फंसी हुई है और अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निर्माण शुरू होने की स्पष्ट समयसीमा चाहिए। बैठक में दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से लंबित रियल एस्टेट परियोजनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। खरीदारों का कहना है कि फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम सहित एनसीआर के कई क्षेत्रों में खरीदार वर्षों से अपने घरों के लिए इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग मजबूती से रखने के साथ आगे की कानूनी रणनीति पर भी चर्चा की।


बातचीत

हमने 2010-12 के बीच अपनी जमा-पूंजी लगाकर घर खरीदा था। करीब 15 साल बाद भी घर नहीं मिला। अब हमारा धैर्य जवाब दे रहा है। -विवेक चौधरी

घर खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया था। आज भी ईएमआई और किराया दोनों देना पड़ रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। -अभिषेक द्विवेदी

मई 2026 के आदेश के बाद भी मौके पर निर्माण शुरू नहीं हुआ है। संबंधित एजेंसी और अधिकारी जमीन पर काम शुरू कराने की दिशा में तत्काल कार्रवाई करें। -कमल जेएस मान
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लो-राइज फ्लैट्स की रजिस्ट्री शुरू हो और हाई-राइज का निर्माण आगे बढ़े। अब खरीदारों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि घर मिलने की समयबद्ध प्रक्रिया चाहिए। -सुरेंद्र सिंह
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