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16 साल में 100+ मौतें: डेथ वैली में डूब रहे युवा, झील की सुंदरता का मोह, फिर मौत के मुंह में समा जाते हैं लोग

Thu, 09 Apr 2026 04:38 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बल्लभगढ़

सार

फरीदाबाद में अरावली जंगल और पर्वत श्रृंखला 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में फैला है। फरीदाबाद में यह दिल्ली से सटे सूरजकुंड, अंखीर, पाली, बड़खल, मांगर, गांव सिरोही आदि क्षेत्रों से गुजरता है। वर्ष 1991 तक अरावली में खनन का कार्य चल रहा था। वर्ष 1991 में सरकार ने इस पर रोक लगा दी।
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16 साल में डेथ वैली में डूबकर 100 से अधिक युवाओं की जा चुकी है जान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अरावली के जंगलों में बनी आधा दर्जन से अधिक कृत्रिम झीलें में बीते 16 वर्षो में 100 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है। उसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से सैलानियों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं है। मंगलवार को भी थाना धौज के अंतर्गत आने वाली सिरोही झील में डूबने से 20 साल के युवक की मौत हो गई। सोशल मीडिया पर सैलानी सुंदर सुंदर फोटो  देखकर दूर दराज से घूमने के लिए आते है।

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25 से 30 किलोमीटर में फैला है जंगल
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में अरावली जंगल और पर्वत श्रृंखला 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में फैला है। फरीदाबाद में यह दिल्ली से सटे सूरजकुंड, अंखीर, पाली, बड़खल, मांगर, गांव सिरोही आदि क्षेत्रों से गुजरता है। वर्ष 1991 तक अरावली में खनन का कार्य चल रहा था। वर्ष 1991 में सरकार ने इस पर रोक लगा दी।

किसी को नहीं पता इन झीलों की कितनी गहराई
ऐसे में फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड किनारे आधे दर्जन से अधिक गहरी खाई कृत्रिम झील में बदल गई। यह झीलें प्राकृतिक नहीं हैं। इनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है। इस झील में बारिश का पानी जमा रहता है। उसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से कृत्रिम झील के आसपास ना तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और ना ही लोगों को जाने से रोकने के लिए तारबंदी की गई है।उसी वजह से साल 2009 से अबतक इन कृत्रिम झीलों में डूबकर 100 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है |

फोटो देख आते है घूमने के लिए
इन झीलों की खूबसूरती की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दी जाती है। उसके बाद लोग उन फोटो को देखकर दूर दराज से गर्मी के दिनों में सैर-सपाटे करने के लिए आते है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवा मस्ती व सेल्फी लेने के साथ झील की खूबसूरत पानी को देखकर उसमें नहाने उतर जाते हैं। जिससे उनको अंदेशा नहीं होता है कि वह किसी हादसे का भी शिकार हो सकते है। लोगों के अनुसार अरावली स्थित कृत्रिम झीलों तक पहुंचने के लिए कई रास्ते हैं। जंगल के क्षेत्र में पुलिस या वन विभाग के कर्मचारी गश्त नहीं करते। उस बात का फायदा उठा कर कई युवा कृत्रिम झीलों के आसपास पार्टी करने या नहाने के आ जाते है।
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कृत्रिम झील में अबतक के हादसे
-29 मार्च 2014: रेडियो जॉकी अभय की सूरजकुंड झील में डूबने से मौत।
-15 मई 2015 - बड़वाली झील में डूबकर एक युवक की मौत।
-03 जून 2015- कृत्रिम झील में नहाते समय डूबने से विक्की कोहली की मौत हुई।
-19 जून 2015 - गुरुकुल इंद्रप्रस्थ के पास झील में नहाने के दौरान दसवीं का छात्र डूबा।
-22 जुलाई 2015- दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी में बीटेक का छात्र झील में डूबा।
-29 फरवरी 2016 : झील में डूबने से द्वारका दिल्ली के रहने वाले तन्मय मिश्रा की मौत हो गई।
-1 मई 2016 : ओखला फेस-2 निवासी पिंटू की डेथ वैली में डूबने से मौत हुई।
-8 मई 2016: भीकम कॉलोनी के करण की बड़वाली झील में डूबने से मौत हुई।
-13 अप्रैल 2017 : सेल्फी लेते समय एक छात्र की सिरोही स्थित झील में गिरने से मौत।
-23 अगस्त-2021: खूनी झील में नहाने गए शिव दुर्गा विहार निवासी कुलदीप सिंह व पंकज तिवारी की मौत हुई।
-नवंबर-2022- गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड किनारे स्थित एक खाई में सेल्फी लेते समय गिरने से युवक की मौत हो गई।
-18 जून 2023- अरावली के सिरोही झील में नहाते समय डूबने से दिल्ली निवासी दो युवक की मौत
-12 मई 2024- सिरोही झील में नहाने गए दिल्ली के दो मैकेनिकल इंजीनियर की मौत
-02 अप्रैल-2025- 12 दोस्तों के साथ नहाने गए युवक की सिरोही झील में डूबकर मौत
-07 अप्रैल-2026- सिरोही झील में डूबकर दिल्ली के एक युवक की मौत
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