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Faridabad News: चौकीदार से मारपीट और लूट में एक को 10 साल की सजा, दो दोषमुक्त

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32 हजार का जुर्माना भी लगाया, सीसीटीवी फुटेज ने अभियोजन के पक्ष को मजबूती दी
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। डबुआ थाना क्षेत्र में चौकीदार से मारपीट कर मोबाइल और रुपये छीनने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने गंगाराम को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कारावास के साथ 32 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसी मामले में आरोपी की पत्नी राजेश्वरी और बेटे राहुल के खिलाफ आरोप पर्याप्त साक्ष्यों से साबित नहीं होने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।



अभियोजन के अनुसार, डबुआ कॉलोनी निवासी 61 वर्षीय हरिदत्त भांकरी स्थित फाइन ऑटो प्रोडक्ट फैक्टरी में चौकीदार थे। मामला सितंबर 2021 का है। हरिदत्त ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने करीब एक साल पहले फैक्टरी में काम करने वाले संजय को किराये का मकान दिलाने में सहायता की थी। जुलाई 2021 में उत्तर प्रदेश में बाइक हादसे में संजय की मौत हो गई।
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शिकायत में हरिदत्त ने बताया कि संजय की मौत के बाद उसके पिता गंगाराम, राजेश्वरी और राहुल उसे बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार मानने लगे थे। इसी बात को लेकर उसे धमकियां दी जा रही थीं।



14 सितंबर की सुबह हरिदत्त ड्यूटी पर जा रहे थे। आरोप के अनुसार, रास्ते में गंगाराम ने उन्हें रोक लिया और मारपीट करने के बाद जेब से 700 रुपये और मोबाइल निकाल लिया। इसके बाद उन्हें सड़क पर रोककर जान से मारने की धमकी दी गई।



हरिदत्त के निर्धारित समय पर फैक्टरी नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई। उनका बेटा तलाश करते हुए मौके पर पहुंचा। आरोप है कि वहां उसकी मोटरसाइकिल की चाबी भी ले ली गई और उसे धमकाया गया।



पुलिस ने शिकायत के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग हासिल की। हरिदत्त का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। जांच पूरी होने के बाद गंगाराम, राजेश्वरी और राहुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
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मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे गए। साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद अदालत ने गंगाराम को दोषी माना। वहीं, राजेश्वरी और राहुल के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलने पर दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
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