7 जुलाई से नगर निगम चलाएगा स्वच्छता व सौंदर्यीकरण अभियान, मॉडल सड़क विकसित करना लक्ष्य
नंबर गेम-600 किलोमीटर से अधिक सड़कों का पहले चरण में होगा सौंदर्यीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति, धूल, निर्माण मलबे और अव्यवस्थित ग्रीन बेल्ट की समस्याओं को दूर करने के लिए नगर निगम 7 से 31 जुलाई तक स्वच्छता और सौंदर्यीकरण अभियान चलाएगा। इसके तहत शहर के सभी 46 वार्डों में कम से कम एक-एक किलोमीटर सड़क को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पहले चरण में शहर की 600 किलोमीटर से अधिक सड़कों पर व्यापक स्तर पर सफाई, मरम्मत और हरित विकास के कार्य होंगे। नगर निगम का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाना है।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने अधिकारियों को अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में चिन्हित मॉडल सड़क पर सड़क सफाई, गड्ढों की मरम्मत, सेंटर वर्ज का सुधार, ग्रीन बेल्ट का रखरखाव, पौधरोपण, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट का उठान तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य एक साथ किए जाएंगे।अभियान के पहले चरण में 600 किलोमीटर से अधिक प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में कॉलोनियों और मोहल्लों की अन्य सड़कों एवं गलियों तक अभियान का विस्तार किया जाएगा।
सेंटर वर्ज से हटेगी अतिरिक्त मिट्टी
निगम आयुक्त ने सड़कों के बीच में बने सेंटर वर्ज से करीब छह इंच अतिरिक्त मिट्टी हटाने के निर्देश दिए। कई स्थानों पर बारिश के दौरान यही मिट्टी सड़क पर बहकर आ जाती है, जिससे धूल उड़ने और वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। मिट्टी हटने से पौधों की बेहतर देखभाल होगी। इससे जल निकासी की व्यवस्था भी दुरुस्त होगी और सड़कें भी अधिक साफ दिखाई देंगी। इसके साथ मानसून का लाभ उठाते हुए शहरभर में बड़े स्तर पर पौधे लगाए जाएंगे। ग्रीन बेल्ट और पार्कों के रखरखाव पर विशेष जोर रहेगा। निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लगाए जाने वाले पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल भी सुनिश्चित की जाए।
मलबा और कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट फेंकने और सड़कों पर कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे मामलों में चालान और अन्य कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का मानना है कि सफाई व्यवस्था तभी प्रभावी होगी, जब लोगों की जिम्मेदारी भी तय होगी। निगम आयुक्त ने अधिकारियों को सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, रोटरी क्लब, आरडब्ल्यूए और अन्य नागरिक संगठनों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।