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Faridabad News: एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाया जाएगा ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन

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अमृत भारत योजना के तहत 400 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा, मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण भी होगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्टेशन परिसर को एयरपोर्ट की तर्ज पर दो हिस्सों आगमन और प्रस्थान में बांटा जाएगा। इसके अलावा दोनों तरफ मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे अधिक वाहन होने के बाद भी लोगों को परेशानी नहीं होगी।

इसे अमृत भारत योजना के तहत 400 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। रेलवे स्टेशन से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए कोई सीधा फुटओवर ब्रिज नहीं है, जिसके कारण यात्रियों को कई बार हाईवे को पार कर जोखिम उठाना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए स्टेशन और मेट्रो को जोड़ने वाला स्काईवॉक और मल्टी मॉडल हब विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। यहां एयरपोर्ट की तरह ट्रेवलेटर भी लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में सुविधा होगी।
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ट्रेनों के लाइव स्टेटस की दिक्कत होगी खत्म

यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी ट्रेनों की लाइव अपडेट न मिल पाना है। फरीदाबाद से आगरा, मथुरा, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई सहित देश के कई राज्यों के लिए ट्रेनें चलती हैं। ऐसे में यात्री अक्सर पूछताछ केंद्र के चक्कर लगाने को मजबूर हो जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे संयुक्त रूप से ऑटोमेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लागू करने जा रहे हैं। इस सिस्टम के लागू होने के बाद किसी भी ट्रेन का लाइव स्टेटस उसके निर्धारित आगमन से चार घंटे पहले ही स्टेशन की स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा।
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ऐसे काम करेगा नया सिस्टम

एपीआईएस को सीधे सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआरआईएस) के सर्वर से जोड़ा जाएगा। सिम-आधारित इंटरनेट तकनीक के जरिए ट्रेन का वास्तविक समय का अपडेट प्लेटफॉर्म पर लगे डिस्प्ले तक पहुंच जाएगा। इससे खराब नेटवर्क और एप लोडिंग जैसी समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल यह सिस्टम दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर स्टेशन पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चल रहा है। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार पायलट सफल रहने पर यह तकनीक जल्द ही देश के बड़े स्टेशनों पर लागू की जाएगी।
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